पणजी, 27 मई गोवा सरकार ने बुधवार को अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में बदलाव करते हुए रेल, सड़क और हवाई मार्ग से राज्य में आ रहे लोगों के 14 दिन तक स्वयं पृथक-वास में रहने के विकल्प को खत्म कर दिया है।
वहीं कोरोना वायरस से संक्रमित ना होने का प्रमाणपत्र या गोवा में आने के बाद जांच कराने जैसी पुरानी शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘ रेल, सड़क और वायु मार्ग से गोवा आ रहे लोगों के पास कोविड-19 से संक्रमित ना होने का प्रमाणपत्र होना चाहिए या यहां आते ही उन्हें इसकी जांच करानी होगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ आने के बाद 14 दिन तक स्वयं पृथक-वास में रहने के विकल्प को बुधवार से समाप्त कर दिया गया है।’’
गोवा में विपक्षी दलों ने निगरानी संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए स्वयं पृथक-वास में रहने के विकल्प का विरोध किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं पृथक-वास में रहने का विकल्प इसलिए दिया गया था क्योंकि राज्य में 24 घंटे में करीब 1000 नमूनों की जांच ही हो सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन हमने पाया कि कई उड़ानें रद्द हो रही हैं और रोजाना करीब 1000 लोग ही राज्य में आ रहे हैं।’’
गोवा में मंगलवार तक कोविड-19 के 67 मामले सामने आए थे, जिनमें से 39 का अभी इलाज जारी है।
सावंत ने कहा कि गोवा अब भी ग्रीन जोन में है और राज्य सीमाओं पर ही मामलों को नियंत्रित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गोवा में 90 प्रतिशत मरीज महाराष्ट्र से आए लोग हैं।
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