नयी दिल्ली, तीन अगस्त जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर जमीन समेत अपनी गैर-महत्वपूर्ण संपत्तियों की बिक्री पर काम कर रही है और उसे 50 प्रतिशत जमीन भी बाजार पर चढ़ाने से ‘अच्छा मूल्य’ मिलने की उम्मीद है। कंपनी के एक दस्तावेज में यह कहा गया है।
बंदरगाह से लेकर हवाईअड्डा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी ने निवेशकों के समक्ष कहा कि जो जमीन रणनीतिक औद्योगिक जगहों पर हैं, उसे चीन से निकल कर भारत में विनिर्माण इकाई लगाने वाली संभावित इकाइयों से लाभ होने की उम्मीद है।
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दस्तावेज के अनुसार, ‘‘गैर-महत्वपूर्ण संपत्ति का बड़ा हिस्सा बेचने की योजना है...उसके पास 10,500 एकड़ बंदरगाह और औद्योगिक भूखंड हैं। इसमें से 50 प्रतिशत भी अगर बाजार पर चढ़ता है, कंपनी को अच्छा मूल्य मिलेगा।’’
कंपनी ने आंध्र प्रदेश में काकीनाड़ा विशेष निवेश क्षेत्र (एसआईआर) के बारे में कहा कि वह जमीन से कमाई को लेकर कई बड़े ग्राहकों से बातचीत कर रही है।
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इसमें कहा गया है, ‘‘आंध्र प्रदेश सरकर ने हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लि. के साथ एमओयू (सहमति पत्र) पर हस्ताक्षर किये। यह समझौता 2,500 एकड़ जमीन पर रिफाइनरी-सह- पेट्रोरसायन परियोजना के लिये है। इसके अलावा 2,000 एकड़ जमीन में पेट्रो रसायन परिसर के लिये एचपीसीएल-गेल समूह के साथ समझौता किया है।’’ इसके साथ 500 एकड़ में स्टेनलेस स्टील विनिर्माण और 100 एकड़ में आस्ट्रेलियाई लिथियम रिफाइनरी के लिये समझौता किया गया है।
कृष्णा-गोदावरी बेसिन में बंदरगाह आधारित काकीनाड़ा एसआईआर की सभी मौसम में उपयोग बहुउद्देश्यीय गहरे जल क्षेत्र में बंदरगाह, लॉजिस्टिक पार्क, पेट्रोरसायन संकुल और इको-इंडस्ट्रियल पार्क की योजना है।
दस्तावेज के अनुसार 4,650 एकड़ क्षेत्र को सेज के रूप में अधिसूचित किया गया है और इसके लिये पर्यावरण समेत अन्य जरूरी मंजूरी है।
हालांकि आंध्रा प्रदेश में काकीनाड़ा सेज के बारे में कंपनी ने कहा कि विभिन्न सरकारी मंजूरी के लिये प्रयास जारी है। उसने कहा कि औद्योगिक पार्क के लिये मांग कोविड-19 के पूर्व स्तर पर आने की उम्मीद है।
कंपनी ने कहा कि क्षेत्र में कोविड-19 के कारण बुनियादी ढांचा प्रभावित नहीं हुआ है क्योंकि वह तेजी से कामकाज शुरू करने में सफल रही। इसका एक बड़ा कारण श्रमिकों का पास के क्षेत्रों में रहना है।
तमिलनाडु में कृष्णागिरी विशेष निवेश क्षेत्र के बारे में जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा कि 275 एकड़ क्षेत्र में बुनियादी ढांचा विकास जारी है और उसके लिये सभी मंजूरी प्राप्त है।
जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर लि. का एकीकृत शुद्ध घाटा 31 मार्च, 2020 को समाप्त तिमाही में कम होकर 1,126.82 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,341.24 करोड़ रुपये था।
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