देश की खबरें | जीएचएमसी महापौर का चुनाव जीतने के लिये टीआरएस को पकड़ सकती है समर्थन की जरूरत
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

हैदराबाद, पांच दिसंबर तेलंगाना में सत्तारूढ़ टीआरएस जीएचएमसी चुनाव में भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो, लेकिन महापौर की कुर्सी बचाए रखने के लिये उसे समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।

शुक्रवार को घोषित जीएचएमसी चुनाव नतीजों में टीआरएस को 150 में से 55, भाजपा को 48, एआईएमआईएम को 44 तथा कांग्रेस को दो सीटों पर जीत मिली है।

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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार लोकसभा सदस्य तथा शहरी इलाके के विधायक जीएचएमसी के पदेन सदस्य होते हैं, जो महापौर के चुनाव में मतदान कर सकते हैं। टीआरएस के पास ऐसे सदस्यों का मजबूत संख्या बल है, फिर भी उसे समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा शहर में वोट देने का अधिकार रखने वाले विधान पार्षद तथा राज्य सभा सदस्य भी जीएचएमसी चुनाव में मतदान कर सकते हैं।

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सूत्रों के अनुसार शनिवार तक पदेन सदस्यों की संख्या 49 है। हालांकि इस मामले में स्पष्टता महापौर चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद आएगी। इन 49 सदस्यों में से 31 टीआरएस के हैं।

सूत्रों ने बताया कि एआईएमआईएम के 10, कांग्रेस का एक और भाजपा के तीन पदेन सदस्य हैं।

महापौर चुनाव में वे पदेन सदस्य ही मतदान कर सकते हैं, जिन्होंने बीते छह महीने के दौरान इस प्रकार के चुनाव (स्थानीय निकाय) में मतदान न किया हो।

जीएचएमसी के कुछ पदेन सदस्य हाल ही में उपनगरीय नगरपालिका चुनाव में मतदान कर चुके हैं, लिहाजा वे महापौर चुनाव में वोट देने के पात्र नहीं हैं।

सूत्रों ने कहा कि नगर प्रशासन विभाग जीएचएमसी के ऐसे पदेन सदस्यों की स्थिति की जानकारी भेजेगा।

विश्लेषकों के अनुसार टीआरएस को महापौर का चुनाव जीतने के लिये लगभग 10 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में एआईएमआईएम के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।

हालांकि हो सकता है कि टीआरएस एआईएमआईएम से हाथ न मिलाए क्योंकि भाजपा ने जीएचएमसी चुनाव के दौरान उसपर असदुद्दीन औवेसी नीत पार्टी के साथ नाजायज गठबंधन होने का आरोप लगाया था।

दूसरी ओर महापौर चुनाव से दूरी बनाकर चल रही एआईएमआईएम टीआरएस की मदद कर सकती है।

इस बीच, जीएचएमसी के नव-निर्वाचित सदस्यों को शपथ लेने के लिये फरवरी तक का इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि मौजूदा निकाय का कार्यकाल 10 फरवरी को खत्म होगा।

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