देहरादून, 12 नवंबर पूर्वी लददाख में नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकंद नरवणे ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत—चीन सीमा पर भारत की सीमा चौकियों (बीओपी) का हवाई सर्वेक्षण किया ।
आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि सेना प्रमुख ने रिमखिम, नीती और लपताल चौकियों का हवाई सर्वेक्षण किया ।
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समझा जाता है कि चमोली जिले में भारत- चीन सीमा पर स्थित आखिरी गांव माणा के भ्रमण के साथ बुधवार को उत्तराखंड का दौरा शुरू करने वाले जनरल नरवणे यहां सेना की आपरेशनल तैयारियों की समीक्षा करने के लिए आए हैं ।
माणा के बाद सेना प्रमुख चमोली जिले के जोशीमठ में ब्रिगेड मुख्यालय पहुंचे और वहां अधिकारियों के साथ बातचीत करने के साथ ही रात्रि प्रवास भी किया ।
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सूत्रों ने बताया कि नैनीताल के लिए रवाना होने से पहले जनरल नरवणे ने सुबह सीमा चौकियों का हवाई सर्वेक्षण किया । सेना प्रमुख के बृहस्पतिवार को रात्रि विश्राम नैनीताल में ही करने की संभावना है ।
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बरेली के लिए रवाना होने से पहले वह पिथौरागढ़ भी जाएंगे ।
हांलांकि, अधिकारियों ने सेना प्रमुख के दौरे के बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया लेकिन माना जा रहा है कि वह उत्तराखंड में भारत—चीन सीमा पर स्थिति का स्वयं आकलन करने तथा सैन्यकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए आए हैं ।
भारत की चीन के साथ लगने वाली 345 किलोमीटर लंबी सीमा चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में स्थित है।
पूर्व में चीन कई बार चमोली जिले के बाराहोती में कथित तौर पर घुसपैठ कर चुका है ।
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