देश की खबरें | दंपति के कमरे से गांजा बरामद : अदालत ने पति-पत्नी दोनों को जिम्मेदार माना

नयी दिल्ली, 30 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि मादक पदार्थों का सेवन करने के आदी एक जोड़े के शयनकक्ष से प्रतिबंधित पदार्थों की बरामदगी के लिए पति और पत्नी दोनों जिम्मेदार हैं क्योंकि यह बरामदगी उनके संयुक्त स्थान से की गई थी।

हालांकि, अदालत ने महिला को जमानत दे दी क्योंकि जब्त किया गया पदार्थ ‘‘मध्यम मात्रा’’ का था।

उच्च न्यायालय की यह टिप्पणी एक महिला की इस दलील को खारिज करते हुए आई कि उनके शयनकक्ष से गांजा की बरामदगी उनके पति की निशानदेही पर की गई थी और इसके लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने कहा, ‘‘यह ध्यान देने योग्य है कि शयनकक्ष पति और पत्नी द्वारा साझा किया जाने वाला एक निजी स्थान है। शयनकक्ष से गांजा की बरामदगी आवेदक (महिला) के पति की निशानदेही पर हो सकती है, लेकिन तथ्य यह है कि इसे आवेदक और उसके पति के संयुक्त स्थान से बरामद किया गया था।’’

उच्च न्यायालय ने कहा कि ऐसा कहीं नहीं कहा गया या यह तर्क नहीं दिया गया कि महिला और उसका पति अलग-अलग कमरों में रह रहे थे या उनके बीच तनावपूर्ण संबंध थे।

अदालत ने कहा, ‘‘बरामदगी किसी व्यक्ति से नहीं बल्कि संयुक्त स्थान से की गई थी और इसलिए, यह दावा गलत होगा कि शयनकक्ष से 1.03 किलोग्राम (गांजा) की बरामदगी के लिए आवेदक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।’’

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