श्रीनगर, 22 मई पर्यटन पर कार्यकारी समूह की तीसरी बैठक के लिए चीन को छोड़कर सभी जी20 देशों के प्रतिनिधि सोमवार को श्रीनगर पहुंचे। इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम के लिए अधिकारियों ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है और जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी को सजाया गया है।
स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुति के साथ श्रीनगर हवाई अड्डे पर प्रतिनिधियों का भारतीय परंपरा के अनुरूप स्वागत किया गया। तीन दिवसीय बैठक मुख्य कार्यक्रम से इतर ‘आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए फिल्म पर्यटन’ पर एक कार्यक्रम के साथ शुरू हुई।
जी20 के लिये भारत के शेरपा अमिताभ कांत ने एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से कहा, “चीन को छोड़कर सभी जी20 देशों ने हिस्सा लिया। इस बैठक को काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। यहां 61 प्रतिनिधि थे। चीन को छोड़कर सभी देश यहां मौजूद हैं।”
कार्यक्रम की देखरेख के लिए यहां डेरा डाले केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि कश्मीर में पर्यटन एक प्रमुख उद्योग है। उन्होंने कहा कि जी20 कार्यक्रम के साथ घाटी एक रोमांचक यात्रा शुरू कर रही है और यह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश देगा।
कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण रूप से हो इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और मरीन कमांडो, पुलिस और अर्धसैनिक बल शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) सहित अन्य स्थानों की सुरक्षा में लगे हैं, जबकि इसके आसपास के बुलेवार्ड रोड को तीन दिन के लिए ‘नो-गो जोन’ बना दिया गया है।
प्रतिनिधियों द्वारा जिन मार्गों का इस्तेमाल किया जाना है उन पर और हवाई अड्डे को जोड़ने वाले रास्तों पर सुरक्षा का भारी बंदोबस्त किया गया है।
कांत ने चीनी प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि यात्रा और पर्यटन एक निजी क्षेत्र की गतिविधि है और कई देशों के व्यापार प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सभी आमंत्रित लोग हर बैठक में शामिल होते हैं और कुछ ने देश के अन्य हिस्सों में आयोजित बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया है।
जम्मू-कश्मीर पर कई देशों की नकारात्मक यात्रा सलाह के बारे में पूछे जाने पर, भारत के जी20 शेरपा ने कहा, “जी7 देशों के अधिकारी भाग ले रहे थे और अगर ऐसा कोई परामर्श होता तो वे यहां नहीं आते।”
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा कि कश्मीर में बदलाव आया है और अब यहां हड़ताल का आह्वान सुनने वाला कोई नहीं है।
यहां पूरे कश्मीर के बाजार पूरे दिन खुले रहे और बुलेवार्ड रोड पर ट्रैफिक में बदलाव को छोड़कर लोगों की आवाजाही या परिवहन पर कोई प्रतिबंध नहीं था।
सिंह ने कहा, “अगर इस तरह का आयोजन पहले किया जाता था, तो इस्लामाबाद से हड़ताल का आह्वान होते ही श्रीनगर के रेजीडेंसी रोड (शहर के केंद्र में) की दुकानें बंद हो जाती थीं। अब यहां कोई हड़ताल नहीं होती है, भले ही इधर से हड़ताल का आह्वान किया जाए या उधर (पाकिस्तान) से।’’
जी-20 देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “यह बदलाव हुआ है। श्रीनगर के आम लोग अब आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने दो पीढ़ियों को (आतंकवाद के कारण) खो दिया है।”
केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए फिल्म पर्यटन एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में उभरा है और सरकार जम्मू-कश्मीर में इसके विकास के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि कश्मीर, घाटी में जी20 कार्यक्रम के साथ एक रोमांचक यात्रा की शुरुआत कर रहा है, लेकिन पर्यटन को बढ़ावा देना न केवल गंतव्य की सुंदरता दिखाना है बल्कि इसकी संस्कृति को संरक्षित करना भी है।
रेड्डी ने कहा कि केंद्र जल्द ही एक राष्ट्रीय पर्यटन नीति की घोषणा करेगा और उसकी वैश्विक पर्यटन निवेश शिखर सम्मेलन के आयोजन की भी योजना है।
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