गांधीनगर, 19 अगस्त केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को जी20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के दूसरे और आखिरी दिन यहां महात्मा मंदिर सम्मेलन केंद्र में 'डिजिटल स्वास्थ्य पर वैश्विक पहल- एक डब्ल्यूएचओ प्रबंधित नेटवर्क' (जीआईडीएच) की शुरुआत की।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनोम घेब्रेयेसस की उपस्थिति में पहल की शुरुआत की।
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि यह पहल भविष्य के निवेशों के प्रभाव को बढ़ाने के लिए पारस्परिक जवाबदेही को मजबूत करते हुए स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए वैश्विक डिजिटल स्वास्थ्य में हालिया और पिछले लाभ को आगे बढ़ाएगी।
विज्ञप्ति में मंत्री के हवाले से कहा गया, "भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत डिजिटल स्वास्थ्य हस्तक्षेप अभिसरण के माध्यम से एक राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य ढांचा विकसित करने के इसके अनुभव का लाभ उठाया गया है, जिसका उद्देश्य अंतर-संचालन क्षमता के माध्यम से स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना है।"
इस अवसर पर मांडविया ने जी20 को धन्यवाद दिया और देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों तथा अन्य हितधारकों को सामूहिक रूप से एक सामान्य ढांचे की आवश्यकता को पहचानने और 'डिजिटल स्वास्थ्य पर वैश्विक पहल - एक डब्ल्यूएचओ प्रबंधित नेटवर्क' के माध्यम से व्यापक डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए आमंत्रित किया।
केंद्रीय मंत्री ने गणमान्य व्यक्तियों को यह भी याद दिलाया कि भारत ने 2018 में जिनेवा में 71वीं विश्व स्वास्थ्य सभा में डिजिटल स्वास्थ्य प्रस्ताव का नेतृत्व किया था, जिसने इस महत्वपूर्ण एजेंडे पर वैश्विक कार्रवाई को प्रेरित किया।
कार्यक्रम में घेब्रेयेसस ने कहा कि जीआईडीएच एक एकीकृत कदम है जो प्रयासों और सर्वोत्तम प्रथाओं को जोड़कर स्वास्थ्य सेवा में समानता को बढ़ावा देता है।
डब्ल्यूएचओ महानिदेशक ने कहा, "यह नैतिकता, नीति और शासन को उचित महत्व देते हुए एआई जैसे उपकरणों को शामिल करके हमारे प्रयासों को बढ़ाएगा। जीआईडीएच यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पीछे न छूटे।"
उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ स्वास्थ्य के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है और टेलीमेडिसिन तथा कृत्रिम मेधा (एआई) जैसी डिजिटल स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों की शक्ति का पिछले दो दशकों में दुनिया भर में महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है।
घेब्रेयेसस ने कहा कि गंभीर स्वास्थ्य देखभाल व्यवधानों के दौरान प्रौद्योगिकी की क्षमता और सफल कार्यान्वयन टेलीमेडिसिन के उपयोग के रूप में कोविड-19 के दौरान स्पष्ट दिखा।
जीआईडीएच एक डब्ल्यूएचओ प्रबंधित नेटवर्क ('नेटवर्कों का नेटवर्क') होगा जो प्रयासों के दोहराव और "उत्पाद-केंद्रित" डिजिटल स्वास्थ्य परिवर्तन जैसी चुनौतियों का समाधान करके डिजिटल स्वास्थ्य तक समान पहुंच को बढ़ावा देगा।
विज्ञप्ति में कहा गया कि जीआईडीएच वैश्विक रणनीति में प्रस्तावित कार्यों में से 70 प्रतिशत से अधिक का समाधान करने में मदद करेगा।
सत्र के दौरान, मांडविया ने 'डिजिटल इन हेल्थ- अनलॉकिंग वैल्यू फॉर एवरीवन' विषय संबंधी विश्व बैंक की प्रमुख रिपोर्ट भी जारी की।
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