नयी दिल्ली, छह सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को अपने मंत्रियों से कहा कि वे सनातन धर्म पर विपक्षी नेताओं की विवादास्पद टिप्पणियों का मजबूती से खंडन करें और उनका पर्दाफाश करें लेकिन साथ ही उन्हें 'भारत' नाम से संबंधित विवाद से परहेज करने की सलाह दी क्योंकि यह देश का प्राचीन नाम रहा है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
प्रधानमंत्री ने जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले केंद्रीय मंत्रियों द्वारा ‘क्या करें और क्या ना करें’ के बारे में भी बताया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दो दिवसीय आयोजन के दौरान गणमान्य विदेशी मेहमानों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो।
उन्होंने उनसे कहा कि वे इस बड़े कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में ही रहें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसका निर्वहन करें ताकि आने वाले गणमान्य व्यक्तियों को कोई असुविधा न हो।
मंत्रियों से कहा गया है कि वे अपने सरकारी वाहनों को छोड़कर भारत मंडपम और अन्य बैठक स्थलों तक पहुंचने के लिए शटल सेवा का इस्तेमाल करें।
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे यह भी कहा कि वे जी-20 मुद्दों से जुड़े विभिन्न मामलों पर नामित लोगों को ही बोलने दें और खुद बोलने से बचें।
द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म विरोधी बयान से पैदा हुए राजनीतिक विवाद पर मोदी ने कहा कि इस तरह के बयान देने वाली पार्टियों और उसके नेताओं को बेनकाब किया जाना चाहिए और सच्चाई लोगों के सामने लाई जानी चाहिए।
एक सूत्र ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सहस्राब्दियों से चले आ रहे सनातन धर्म के बारे में सकारात्मक बात की और मंत्रियों से विपक्षी नेताओं के बयानों का दृढ़ता से खंडन करने के लिए कहा।
हाल ही में आधिकारिक संवादों में द्रौपदी मुर्मू को 'प्रेसिडेंट आफ भारत' और मोदी को 'प्राइमिनिस्टर आफ भारत' कहे जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने सरकार पर संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से इस विवाद बचने को कहा है।
सरकारी सूत्रों ने जोर देकर कहा है कि संविधान में देश को इंडिया के साथ-साथ भारत के रूप में संदर्भित किया गया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर इस मामले पर अनुचित विवाद पैदा करने का आरोप भी लगाया।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री ने उनसे जी-20 इंडिया मोबाइल ऐप डाउनलोड करने और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के साथ बातचीत के दौरान इसके अनुवाद और अन्य विशेषताओं का बेहतर इस्तेमाल करने को कहा।
जी-20 मोबाइल ऐप में सभी भारतीय ओं के साथ ही जी-20 देशों की ओं के हाथों-हाथ अनुवाद करने की विशेषता है।
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