देश की खबरें | फ्रांसीसी रक्षा मंत्री के अगले महीने भारत आने की संभावना
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 28 अगस्त फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली के पांच राफेल लड़ाकू विमानों को औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किये जाने और रणनीतिक संबंधों को और बढ़ावा देने के लिये अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह के साथ बातचीत के उद्देश्य से अगले महीने भारत दौरे पर आने की उम्मीद है। मामले के बारे में जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने शुक्रवार को यह बात कही।

उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना के बेड़े में राफेल विमानों को औपचारिक रूप से शामिल किये जाने का समारोह अंबाला वायुसेना अड्डे पर 10 सितंबर को होगा। इस दौरान सिंह, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और शीर्ष सैन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे।

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उन्होंने कहा कि पार्ली की संभावित यात्रा के लिए दोनों पक्ष संपर्क में हैं।

उन्होंने कहा कि भारत द्वारा फ्रांस से 36 और राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद को लेकर भी पार्ली की इस यात्रा के दौरान शुरुआती चर्चा हो सकती है।

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सैन्य प्रतिष्ठान के कुछ अधिकारियों की राय है कि संचालन संबंधी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय वायुसेना के पास राफेल विमानों के कम से कम चार स्क्वाड्रन होने चाहिए। एक स्क्वाड्रन में कम से कम 18 विमान होते हैं।

मामले के बारे में जानकारी रखने वालों ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह “सबसे सस्ता विकल्प” होगा क्योंकि भारतीय जरूरत से जुड़े सभी साजोसामान को लेकर शोध और विकास के काम की लागत पहले हुए सौदे में ही समाहित है।

ऐसा समझा जा रहा है कि फ्रांसीसी पक्ष भी नए ऑर्डर के विकल्प को लेकर बातचीत का इच्छुक है।

सिंह के साथ दो जून को फोन पर हुई बातचीत में फ्रांसीसी रक्षा मंत्री ने भारत आने और द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को बढ़ाने के तरीकों पर बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की थी।

पांच राफेल विमानों की पहली खेप 29 जुलाई को वायुसेना के अंबाला हवाई ठिकाने पर पहुंची थी। उन्हें अभी औचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल नहीं किया गया है।

गौरतलब है कि भारत ने 59,000 करोड़ रुपए की लागत से 36 राफेल विमान खरीदने के लिए फ्रांस के साथ सितंबर 2016 में अंतर सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

भारत को अब तक 10 राफेल विमानों की आपूर्ति की जा चुकी है जिनमें से पांच अभी फ्रांस में ही हैं जिससे भारतीय वायुसेना के पायलट उन पर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।

सभी 36 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति 2021 के अंत तक पूरी होने की समयसीमा तय की गई है।

पांच राफेल लड़ाकू विमानों के अगले जत्थे के नवंबर तक भारत पहुंचने की उम्मीद है।

रूस से 23 साल पहले सुखोई विमानों के आयात के बाद भारतीय वायुसेना के लिये राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का यह सौदा हुआ है।

फ्रांस से मिलने वाले 36 राफेल विमानों में से 30 लड़ाकू विमान होंगे जबकि छह प्रशिक्षण विमान। प्रशिक्षण विमान दो सीटों वाले होंगे और उनमें लड़ाकू विमानों वाली लगभग सभी विशेषताएं होंगी।

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