जरुरी जानकारी | अडाणी की हरित ऊर्जा परियोजनाओं में 30 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी फ्रांस की टोटल

नयी दिल्ली, 20 सितंबर फ्रांस की टोटलएनर्जीज एसई अडाणी समूह के साथ नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना के लिए एक नए संयुक्त उद्यम में 30 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी।

अमेरिकी शोध और निवेश कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च के गौतम अडाणी की अगुवाई वाले समूह पर धोखाधड़ी के आरोप के बाद अडाणी की कंपनी के साथ फ्रांस की ऊर्जा कंपनी का पहला सौदा है।

दोनों कंपनियों ने एक बयान में कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े इस संयुक्त उद्यम में टोटल की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। शेष 50 प्रतिशत हिस्सेदारी अडाणी ग्रीन एनर्जी लि. के पास होगी।

इस नई संयुक्त उद्यम कंपनी के पास 1,050 मेगावाट (एमडब्ल्यूएसी) क्षमता की परियोजनाएं होगी। इसमें पहले से परिचालन में आ चुकी 300 मेगावाट क्षमता की परियोजना शामिल है। इसके अलावा 500 मेगावाट निर्माण के चरण में है और 250 मेगावाट विकास के चरण में है। परियोजनाओं में सौर और पवन ऊर्जा दोनों शामिल हैं।

यह निवेश टोटल की स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की पहल का हिस्सा है।

टोटल की अडाणी ग्रीन एनर्जी लि. (एजीईएल) में 19.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा एजीईएल के साथ संयुक्त उद्यम अडाणी ग्रीन एनर्जी ट्वंटी थ्री लि. (एजीईएल23एल) में बराबर-बराबर हिस्सेदारी है। इस संयुक्त उद्यम के पास 2,353 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं हैं।

एजीईएल ने शेयर बाजारों को दी सूचना में कहा कि उसके निदेशक मंडल ने अडाणी ग्रीन एनर्जी ट्वंटी थ्री लि. और टोटल एनर्जीज के बीच एक पक्के समझौते को मंजूरी दे दी है। इसके तहत टोटल कंपनी के साथ मिलकर संयुक्त उद्यम के गठन को लेकर स्वयं या अपनी सहयोगी इकाइयों के जरिये 30 करोड़ डॉलर का और निवेश करेगी।

संयुक्त उद्यम में दोनों की 50:50 के अनुपात में हिस्सेदारी होगी। इसके साथ वह एजीईएल23एल में अपने निवेश की कुछ शर्तों को संशोधित करेगी।

अडाणी समूह के नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार में निवेश के अलावा टोटल ने 2019 में अडाणी गैस लि. में 37.4 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने को 60 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। इस कंपनी को अब अडाणी टोटल गैस लि. के नाम से जाना जाता है।

हिंडनबर्ग की जनवरी में रिपोर्ट आने के बाद से टोटल का अडाणी समूह में यह पहला निवेश है। रिपोर्ट में अडाणी समूह पर लेखा और शेयरों में धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। हालांकि, अडाणी समूह ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था।

उल्लेखनीय है कि रिपोर्ट आने के तुरंत बाद टोटल ने संकटग्रस्त समूह के साथ हरित हाइड्रोजन परियोजना में चार अरब डॉलर के निवेश की योजना रोक दी थी। उसने कहा था कि वह आगे बढ़ने से पहले भारतीय समूह की स्थिति पर अधिक स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रही है।

टोटलएनर्जीज के चेयरमैन और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पैट्रिक पोयेन ने कहा, ‘‘टोटलएनर्जीज विशेष रूप से एजीईएल के माध्यम से भारत के नवीकरणीय ऊर्जा बाजार में स्वयं को मजबूत कर रही है...।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हमने 2020 में एजीईएल23 के रूप में संयुक्त उद्यम बनाया। फिर 2021 में एजीईएल के शेयरों का अधिग्रहण किया। उसके बाद अडाणी ग्रीन एनर्जी के साथ यह नया संयुक्त उद्यम परिसंपत्तियों तक सीधी पहुंच के माध्यम से विकास को गति देगा। साथ ही भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रमुख इकाई बनने की एजीईएल की महत्वाकांक्षा को पूरा करने में मदद करेगा।’’

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