जयपुर, 23 दिसंबर जयपुर में आभूषणों की सालाना प्रदर्शनी 'जयपुर ज्वैलरी शो' (जेजेएस) शुक्रवार को शुरू हो गई जिसमें देश-विदेश के करीब 500 कारोबारी शिरकत कर रहे हैं।
इस चार-दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन यहां जेईसीसी में किया गया है। इस प्रतिस्पर्धा में 900 से अधिक बूथ लगाए गए हैं और देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक प्रदर्शक इसका हिस्सा बनने के लिए आए हैं।
इस अवसर पर जेजेएस के मानद सचिव राजीव जैन ने कहा कि रत्न एवं आभूषण उद्योग ने 48 अरब डॉलर के अपने वार्षिक निर्यात लक्ष्य को पिछली तिमाही तक प्राप्त कर लिया है।
जैन ने कहा, "रत्न और आभूषण परिषद के वर्तमान अध्यक्ष ने सूचित किया है कि उद्योग ने देश से 48 अरब डालर निर्यात का वार्षिक लक्ष्य पिछली तिमाही तक प्राप्त कर लिया है। हमने वह प्राप्त कर लिया जो प्राप्त करना था।"
जैन ने कहा कि यहां घरेलू रत्न और आभूषण बाजार लोगों के बीच सोने की खपत से भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि घरेलू बाजार जो पहले अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं को लक्षित कर रहा था, अब घरेलू बाजार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद उद्योग वापस पटरी पर आ गया है और दुनिया भर में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या में बढोत्तरी के बीच बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। जैन ने कहा, "हम बेहतरी की उम्मीद कर रहे हैं। अगर यह महामारी चीन तक सीमित रहता है तो यह भारतीय बाजार के लिए एक बड़ा लाभ होगा।"
इस मौके पर जेजेएस के अध्यक्ष विमल चंद सुराणा ने कहा कि ज्वैलरी शो में नवीनतम डिजाइनों और नए गहनों की सेटिंग पर ध्यान दिया गया है। लोगों को पारंपरिक भारी सोने के आभूषणों से लेकर हल्के वजन के आभूषणों तक के नए चलन देखने को मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि इस साल भी कुंदन मीना ज्वेलरी आकर्षण बने रहने की उम्मीद है। साथ ही इस साल पन्ना पर विशेष फोकस रहेगा। आगंतुकों को शो में हल्के और रंगीन पत्थरों के अभिनव उपयोग के साथ आभूषणों के कई किफायती सामान भी देखने को मिलेंगे।
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