ताइवान के पूर्व राष्ट्रपति ली टेंग-हुइ का निधन, 97 वर्ष के ली ने गुरुवार की अंतिम सांस
चीनी विरोध के बावजूद स्व-शासित द्वीप में प्रत्यक्ष चुनाव और अन्य लोकतांत्रिक बदलाव लाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति ली को पहचाना जाता है. ताइपे के जनरल अस्पताल ने कहा कि संक्रमण, ह्दय संबंधी परेशानियों और कई अंग काम नहीं करने के कारण बृहस्पतिवार शाम को ली का निधन हो गया. वह फरवरी से अस्पताल में भर्ती थे. ली ने ताइवान के लिए एक अलग गैर-चीनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष किया। इससे चीन नाराज हुआ, जोकि इस द्वीप को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है.
चीनी विरोध के बावजूद स्व-शासित द्वीप में प्रत्यक्ष चुनाव और अन्य लोकतांत्रिक बदलाव लाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति ली को पहचाना जाता है. ताइपे के जनरल अस्पताल ने कहा कि संक्रमण, ह्दय संबंधी परेशानियों और कई अंग काम नहीं करने के कारण बृहस्पतिवार शाम को ली का निधन हो गया. वह फरवरी से अस्पताल में भर्ती थे. ली ने ताइवान के लिए एक अलग गैर-चीनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष किया। इससे चीन नाराज हुआ, जोकि इस द्वीप को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है.
ताइवान के पूर्व राष्ट्रपति ली तेंग-हुई बाद में खुले तौर पर द्वीप के लिए औपचारिक स्वतंत्रता का समर्थन किया, लेकिन बाद के वर्षों में बीमारी के कारण वह सार्वजनिक जीवन से काफी हद तक दूर हो गए.
ली ने अपनी जीवनी में लिखा था, एक नेता को साहसी और मजबूत होना चाहिए ताकि वह विवादों और अराजक स्थितियों का खात्मा कर सके. ताइपे के पास 15 जनवरी, 1923 को जन्म लेने वाले ली ने जापान और ताइवान के अलावा न्यूयॉर्क में भी शिक्षा ग्रहण की.
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 30, 2020 10:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

