श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री ने कोविड-19 की रोकथाम के लिये केरल की स्वास्थ्य मंत्री की प्रशंसा की

कोलंबो, 20 मई श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा की प्रशंसा करते हुए उनके नेतृत्व को पूरी तरह सक्रिय और साहसिक करार दिया।

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला जनवरी में केरल से ही सामने आया था। राज्य में रोगियों के ठीक होने की प्रभावशाली दर देखने को मिली है, साथ ही कोविड-19 के मामलों में भी कमी आई है।

केरल में कुल 642 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से तीन लोगों की जान जा चुकी है। 497 लोग ठीक हो चुके हैं।

विक्रमसिंघे ने 18 मई को शैलजा को लिखे पत्र में कहा, ''स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर आपने साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद किसी रोग पर प्रभावशाली ढंग से काबू पाया जा सकता है।''

उन्होंने लिखा, ''आपके पूरी तरह सक्रिय और साहसिक नेतृत्व से ऐसा संभव हो पाया है।''

केरल में कोरोना वायरस महामारी और निपाह वायरस के प्रकोप के दौरान शैलजा (63) के नेतृत्व की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा हुई है।

विक्रमसिंघे ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में केरल की कामयाबी का राज अधिक से अधिक लोगों की जांच कराना है।

पूर्व प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने मार्च की शुरुआत में श्रीलंका में सर्वदलीय बैठक में कहा था कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये अधिक से अधिक लोगों की जांच करना एक समाधान है।

श्रीलंका में कोरोना वायरस से अब तक 1,027 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं, जिनमें से नौ लोगों की मौत हो चुकी है।

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