देश की खबरें | पूर्व आईएएस अधिकारी पर गलत सूचना पोस्ट करने के आरोप में मुकदमा दर्ज
जियो

लखनऊ, 12 जून सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह के 'नो टेस्ट, नो कोरोना' वाले ट्वीट पर उनके खिलाफ कोरोना संक्रमण से निपटने के सरकारी प्रयासों से संबंधित गलत सूचना पोस्ट करने का मुकदमा दर्ज किया गया है ।

पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि सचिवालय चौकी प्रभारी सुभाष सिंह की शिकायत पर बृहस्पतिवार रात हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है ।

यह भी पढ़े | कोरोना संकट: पीएम मोदी 16 और 17 जून को सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोविड-19 पर करेंगे चर्चा, आगे की रणनीति पर मांगेंगे सुझाव.

सिंह ने एक वरिष्ठ नौकरशाह के बारे में दस जून को ट्वीट कर सवाल किया था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम—11 की बैठक के बाद उन्होंने ज्यादा कोरोना जांच कराने वाले कुछ जिलाधिकारियों को क्यों हडकाया था ''.... यूपी की स्ट्रेटेजी ... नो टेस्ट नो कोरोना ।''

पुलिस द्वारा विभिन्न धाराओं में मुकदमा किये जाने के बाद सिंह ने पुन: ट्वीट कर कहा, ‘‘मीडिया के सूत्रों से अपुष्ट खबर आ रही है कि टीम-11 पर किए मेरे के ट्वीट पर सरकार ने मेरे ऊपर मुक़दमा कर दिया है। सबसे पहले तो मैं ये साफ कर देना चाहता हूँ कि उत्तर प्रदेश सरकार की पॉलिसी पर दिए 'नो टेस्ट, नो कोरोना' वाले बयान पर मैं अडिग हूँ और सरकार से निरंतर सवाल पूछता रहूँगा ।’’

यह भी पढ़े | कोरोना वायरस के तेलंगाना में 164 मामले पाए गए, 9 की मौत: 12 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

सिंह 1982 बैच के आईएएस अधिकारी थे और 2015 में सेवानिवृत्त हुए । उन्होंने कहा, ‘‘अगर जवाब देने की जगह सरकार मुक़दमा करने की प्रथा आगे बढ़ाना चाहती है तो मैं तैयार हूँ, आइए गिरफ़्तार करिए ।’’

पुलिस ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है । पुलिस का कहना है कि ट्वीट में गलत सूचना दी गयी है और जनता के मन में भय पैदा करने के इरादे से यह ट्वीट किया गया है ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)