नयी दिल्ली, 29 जुलाई बुनियादी संरचनाओं के निर्माण को आसान करने के लिए प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के रेलवे के प्रयासों को बढ़ावा देते हुए मालगाड़ियों के लिए समर्पित रेल-मार्ग (डीएफसी) के निर्माण में पर पटरी बिछाने का काम पूरी तरह न्यू ट्रैक कंस्ट्रक्शन (एनटीसी) मशीन से किया जा रहा है।
डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) ने बुधवार को यह जानकारी दी। नीति आयोग के उपाध्यक्ष और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने बुधवार को पूर्वी डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर के खुर्जा-दादरी सेक्शन पर एनटीसी की साइट का निरीक्षण किया।
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रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के यादव ने डीएफसी और ठेकेदारों द्वारा इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के लिए किये गये काम की सराहना की और विश्वास जताया कि डीएफसीसीआईएल समयसीमा पर काम पूरा करेगा।
उन्होंने साइट स्थल का निरीक्षण करने के बाद ट्वीट किया, ‘‘2022 में पूरी होने वाली इस परियोजना के तेजी से क्रियान्वयन से प्रभावित हुआ हूं। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण गुणक का काम करेगा। डीएफसीसीआईएल और भारतीय रेलवे की टीम को मेरी शुभकामनाएं।’’
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हालांकि यादव ने कहा कि परियोजना दिसंबर 2021 तक पूरी हो जाएगी।
डीएफसीसीआईएल ने एक बयान में कहा, ‘‘डीएफसीसीआईएल का पटरी बिछाने का पूरा काम एनटीसी मशीन से किया जा रहा है जिसमें एक दिन में डेढ़ किलोमीटर पटरी बिछाने की क्षमता है जिसमें सुरक्षा, सफाई और प्रामाणिकता का ध्यान रखा जाता है। पहली बार इन मशीनों का भारत में इस्तेमाल किया जा रहा है।’’
खुर्जा-दादरी सेक्शन पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोरों को जोड़ने वाला मार्ग है।
फिलहाल सात एनटीसी मशीनों को लगाया गया है।
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