नयी दिल्ली, 30 सितंबर केन्द्र सरकार का राजकोषीय घाटा अगस्त माह के अंत में लगातार दूसरे महीने वार्षिक अनुमान से ऊपर रहा है। सरकार की राजस्व प्राप्ति पर लॉकडाउन का प्रभाव होना इसकी मुख्य वजह रहा है।
महा लेखा नियंत्रक (सीजीए) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त की अवधि में सरकार का राजकोषीय घाटा इस साल के बजट में पूरे साल के लिये तय राजकोषीय घाटे के अनुमान का 109.3 प्रतिशत रहा है।
वास्तविक आंकड़ों में यदि बात की जाये तो यह अगस्त के अंत में 8,70,347 करोड़ रुपये रहा है। वहीं एक साल पहले इसी अवधि में यह सालाना बजट अनुमान का 78.7 प्रतिशत रहा था।
राजकोषीय घाटा जुलाई में भी इसके लिये रखे गये वार्षिक अनुमान से ऊपर निकल गया था। सरकार की कुल प्राप्ति और व्यय के बीच के अंतर को राजकोषीय घाटा कहा जाता है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल फरवरी में पेश वित्त वर्ष 2020- 21 के बजट में राजकोषीय घाटे के देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.5 प्रतिशत यानी 7.96 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। बहरहाल, कोरोना वायरस महामारी के फैलने से आर्थिक गतिविधियों में आये व्यवधान के बाद इन आंकड़ों में बड़ा संशोधन करना पड़ सकता है।
इससे पिछले वित्त वर्ष 2019- 20 में सरकार का राजकोषीय घाटा सात साल के उच्च स्तर 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गया। सरकार की राजस्व प्राप्ति काफी कम रहने से यह स्थिति बनी जो कि वित्त वर्ष की समाप्ति तक देशव्यापी लॉकडाउन लागू होने से और खराब हो गई।
महालेखा नियंत्रक के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से अगस्त 2020 अवधि में सरकार की राजस्व प्राप्ति 3,70,642 करोड़ रुपये रही जो कि बजट अनुमान का 18.3 प्रतिशत है । वहीं पिछले साल इसी अवधि में राजस्व प्राप्ति पूरे साल के बजट अनुमान की राजस्व प्राप्ति का 30.7 प्रतिशत रही थी। इस दौरान यदि कर राजस्व की बात की जाये तो यह 2,84,495 करोड़ रुपये यानी बजट अनुमान का 17.4 प्रतिशत रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह बजट अनुमान का 24.5 प्रतिशत थी।
पांच माह की इस अवधि में सरकार की कुल प्राप्तियां 3,77,306 करोड़ रुपये रही। यह राशि पूरे साल की प्राप्तियों के बजट अनुमान का 16.8 प्रतिशत है। सरकार ने बजट में वर्ष के दौरान कुल 22.45 लाख करोड़ रुपये की प्राप्ति का अनुमान लगाया है।
वित्त वर्ष के इन पांच माह में सरकार के कुल खर्च की यदि बात की जाये तो यह अगस्त अंत तक 12,47,653 करोड़ रुपये रहा है जो कि पूरे साल के बजट अनुमान का 41 प्रतिशत तक पहुंच गया। इससे पिछले साल इसी अवधि में यह खर्च बजट अनुमान का 42.2 प्रतिशत रहा था।
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