जरुरी जानकारी | वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियां स्व-नियामक संगठन गठित करें : शक्तिकांत दास

मुंबई, छह सितंबर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) कंपनियों से उद्योग की व्यवस्थित वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) गठित करने को कहा है।

दास ने बुधवार को कहा, “वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को देश के कानून के अनुरूप उद्योग की सर्वोत्तम प्रक्रिया, निजता और डेटा सुरक्षा मानदंड विकसित करने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, “मैं इस अवसर का उपयोग वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों से स्वयं एक एसआरओ गठित करने के लिए आग्रह करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए करना चाहूंगा।”

उन्होंने इस प्रक्रिया में आरबीआई से हरसंभव मदद देने का आश्वासन भी दिया।

केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को एसआरओ को जल्द से जल्द गठित कर लेना चाहिए। उम्मीद है कि इस सालाना कार्यक्रम के अगले संस्करण से पहले यह तैयार होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अन्य उद्योगों के भी एसआरओ हैं। इससे उद्योग को अपनी आवाज उठाने में मदद मिलती है।

उन्होंने यह भी कहा कि एसआरओ होने से आरबीआई के कंधों से एक गतिशील क्षेत्र को संभालने का बोझ कम हो जाएगा।

दास ने कहा कि नियामक मध्यस्थता देखने, मौजूदा कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करने और तकनीकी प्रगति के अनुसार नियमों को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनियां गलत बिक्री जैसे मुद्दों, नैतिक व्यावसायिक व्यवहार को बढ़ावा देने और मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता पर भी मानक निर्धारित कर सकती हैं।

यहां ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट’ में दास ने कहा कि सुशासन किसी भी कंपनी और विशेष रूप से वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों की टिकाऊ और दीर्घकालिक सफलता की कुंजी होगा।

उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र का राजस्व 2030 तक 200 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है।

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