फाइबर बोर्ड की कथित डंपिंग की जांच शुरू
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नयी दिल्ली, 24 अप्रैल देश में वियतनाम, मलेशिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया से होने वाली फाइबर बोर्ड की कथित डंपिंग की जांच शुरू की गयी है। फर्नीचर उद्योग में इस्तेमाल होने वाले इस बोर्ड की डंपिंग को लेकर घरेलू विनिर्माताओं ने शिकायत की थी।

ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज, ग्रीनपैनल इंडस्ट्रीज और सेंचुरी प्लाईबोर्ड ने इस संबंध में व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) से शिकायत की थी।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाला डीजीटीआर डंपिंग मामलों की जांच करके मंत्रालय को डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश करता है।

इसके बाद वित्त मंत्रालय सिफारिश को वित्त मंत्रालय के पास भेजता है, जो डंपिंग रोधी शुल्क लगाने पर अंतिम निर्णय करता है।

इन कंपनियों ने उपरोक्त चारों देशों से ‘छह मिलीमीटर से कम मोटाई और कम सघनता वाले साधारण फाइबर बोर्ड की डंपिंग को लेकर शिकायत की थी।

डीजीटीआर ने कहा कि कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के आधार पर वह मामले की जांच कर रहा है। यदि जांच में पाया जाता है कि इनके आयात से घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंचा है तो वह डंपिंग रोधी शुल्क की सिफारिश करेगी।

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