देश की खबरें | दो फरवरी: कलकत्ता में भारतीय संग्रहालय की स्थापना

नयी दिल्ली, एक फरवरी पश्चिम बंगाल के कलकत्ता : अब कोलकाता: में हावड़ा जंक्शन से चार किलोमीटर के फासले पर एक महराबदार भव्य सफेद इमारत है, जिसके जालीदार छज्जे और हरे भरे प्रांगण में चार तरफ जाने वाले रास्तों के बीचोंबीच लगा सुंदर गोल फव्वारा इसकी खूबसूरती को और भी बढ़ा देता है। यह भारतीय संग्रहालय है जो दुनिया के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक है। इसे दो फरवरी 1814 को खोला गया और यहां दुनियाभर की कई दुर्लभ कलाकृतियों और सहेजकर रखने लायक बहुत सी वस्तुओं का विशाल संग्रह है। संग्रहालय इतना बड़ा है कि इसमें दिलचस्पी रखने वालों को इसे पूरा देखने में कई दिन का समय लग सकता है।

दो फरवरी 1994 की एक दुखद घटना ने भी इसे इतिहास में जगह दिलाई। दरअसल इस दिन मैडागास्कर में भीषण तूफान आया। दक्षिणपूर्वी अफ़्रीका की मुख्यभूमि से कुछ फासले पर हिन्द महासागर में स्थित मैडागास्कर द्वीप में आए तूफान ‘गेराल्ड’ को सदी का भीषणतम तूफान कहा गया। इस दौरान 350 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं और लाखों लोग बेघर हुए। तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में सात पोत डूब गए, बड़े इलाके की कृषि भूमि जलमग्न हो गई और मुख्य वाणिज्यिक बंदरगाह लगभग तबाह हो गया।

देश दुनिया के इतिहास में दो फरवरी की तारीख पर दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1814 : कलकत्ता :अब कोलकाता: में भारतीय संग्रहालय की स्थापना। यह भारत का सबसे पुराना संग्रहालय है और दुनिया के भी सबसे पुराने संग्रहालयों में शुमार किया जाता है।

1835 : टी बी मैकॉले ने भारत में अंग्रेजी को उच्च शिक्षा से जोड़कर देश में पश्चिमी शिक्षा के दरवाजे खोल दिए।

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