चेन्नई, छह सितंबर श्रीलंका के अपतटीय क्षेत्र में कच्चा तेल ले जा रहे एक पोत में लाग लगने के बाद समंदर में तेल फैलने की आशंका खत्म हो गई लगती है, क्योंकि आग को लगभग बुझा दिया गया है।
एक रक्षा विज्ञप्ति में रविवार को कहा गया कि तीन सितंबर से ही भारतीय तटरक्षक बल और श्रीलंकाई वायु सेना एवं नौसेना ने आग बुझाने के लिए कड़े प्रयास किए जिस वजह से पोत में लगी आग को सीमित रखा जा सका। इसलिए तेल फैलने की कोई रिपोर्ट नहीं है।
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विज्ञप्ति के मुताबिक, " आग बुझ गई लगती है और ना कोई लपटें नजर आ रही हैं और न ही धुआं दिख रहा है। "
उसमें बताया गया है कि आगे की कार्रवाई के लिए स्थिति की निगरानी की जा रही है।
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पोत का भंडारण क्षेत्र सुरक्षित बताया जा रहा है, जिसमें करीब तीन लाख टन कच्चा तेल है।
पनामा में पंजीकृत एमटी (मोटर टैंकर) न्यू डायमंड पोत कुवैत से 2,70,000 टन कच्चा तेल लेकर भारत के पारादीप बंदरगाह आ रहा था, लेकिन पूर्वी श्रीलंका के अम्पारा जिले के संगामनकांडा तट के पास इसके इंजन कक्ष में आग लग गई थी। यह तेल भारतीय तेल निगम का है।
भारतीय तट रक्षक बल और श्रीलंका के गश्ती पोत तथा छोटी नौकाओं (टग्स) को आग बुझाने की कवायद में लगाया गया था।
तेल टैंकर को सुरक्षित जल क्षेत्र में ले जाया गया है, जहां इसे एक छोटी नौका से बांधा हुआ है ताकि यह बहे नहीं और आग बुझाने में मदद मिले।
आग बुझाने के उपकरण और रसायनों से लैस अलग अलग पोत तैनात किए गए हैं।
विज्ञप्ति में बताया गया है कि प्रभावित स्थान को ठंडा किया जा रहा है।
उसमें बताया गया है दरार के आकार में कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई है।
उल्लेखनीय है कि कुवैत से तेल लेकर भारत आ रहे टैंकर में श्रीलंका के पूर्वी तट पर बृहस्पतिवार को आग लगी थी। इससे 24 सदस्यीय चालक दल में से एक सदस्य लापता है और अन्य घायल है जबकि चार सितंबर को पोत में दरार देखी गई।
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