नयी दिल्ली, 17 जनवरी कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि एनआईए जैसी जांच एजेंसियां सरकार के हाथों की कठपुतलियां बन गयी हैं और इनका इस्तेमाल अब किसानों के खिलाफ किया जा रहा है जो उनके नोटिसों से डरने वाले नहीं हैं।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘अब सरकार किसानों को ऐसी एजेंसियों के माध्यम से नोटिस भेजती है जो आतंकवादियों के खिलाफ जांच करती हैं। किसानों को आतंकवादी, नक्सली और चीन तथा पाकिस्तानी एजेंट कहने के बाद मोदी सरकार की मंशा क्या है? मोदीजी आप क्या साबित करने की कोशिश कर रहे हैं?’’
उन्होंने कहा, ‘‘खेद की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा नेता यह साबित करने पर उतारू हैं कि सभी किसान, इस देश के 62 करोड़ किसान आतंकवादी, उग्रवादी, नक्सली, चीन तथा पाकिस्तान के एजेंट हैं, लेकिन किसानों को एनआईए जैसी कठपुतली एजेंसी के ये फर्जी नोटिस ना तो डिगाएंगे और ना ही डराएंगे।’’
सुरजेवाला ने कहा, ‘‘मोदीजी को समझना चाहिए कि अनाज मंडियों में छोटे दुकानदारों पर आयकर के छापों तथा किसानों एवं पत्रकारों को एनआईए या सीबीआई के नोटिसों से किसान डरेंगे नहीं। हम तब तक इसे जारी रखेंगे जब तक तीन काले कानून वापस नहीं ले लिये जाते।’’
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और उसके प्रमुख सरकार की हाथों की कठपुतली रहे हैं और इस बात के प्रमाण हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक विवादास्पद वॉट्सऐप के सार्वजनिक होने के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि यह बातचीत घातक है और कांग्रेस अगले 48 घंटे में इस मुद्दे पर व्यापक प्रतिक्रिया देगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम हर चीज का अध्ययन कर रहे हैं। हम इस पर संपूर्ण प्रतिक्रिया देंगे।’’
कांग्रेस नेता पी चिंदबरम ने भी ट्वीट किया, ‘‘क्या एक पत्रकार (और उसके दोस्त) को बालाकोट में वास्तविक हमले से तीन दिन पहले बदले में स्ट्राइक होने के बारे में पता था।’’
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