देश की खबरें | केंद्र के कृषि अध्यादेशों से बाजार की शक्तियों के गुलाम हो जाएंगे किसान: कुमारी शैलजा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ़, 20 जुलाई हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि संबंधित अध्यादेशों से छोटे किसान बाजार की शक्तियों के अधीन हो जाएंगे।

शैलजा का बयान आने के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, सोनीपत, भिवानी, फतेहाबाद और यमुनानगर समेत कई स्थानों पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया।

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प्रदर्शन के दौरान किसानों ने दावा किया कि कृषि क्षेत्र से संबंधित तीन अध्यादेशों से सदियों पुरानी मंडी की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और इससे उनका शोषण होगा।

इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार किसानों की सुरक्षा के अपने दायित्व से भाग रही है।

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शैलजा ने कहा कि सरकार का अगला कदम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खत्म करने का हो सकता है।

उन्होंने डिजिटल माध्यम से संवाददाताओं से कहा, “देश के 85 प्रतिशत किसान छोटे और हाशिये पर हैं और सरकार के कदम से वे बाजार की शक्तियों के अधीन हो जाएंगे। कामगारों को बाजार के अधीन शोषण झेलना पड़ेगा।”

उन्होंने कहा, “सरकार अपने दायित्व से मुंह चुरा रही है। वह आखिरकार एमएसपी व्यवस्था खत्म कर देंगे।”

उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा लिया गया यह एक और फैसला है जो किसानों या उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किए बिना लिया गया है।

उन्होंने कहा, “यह उनके द्वारा की गई नोटबंदी या जिस प्रकार जीएसटी लाया गया, उस तरह का फैसला है।”

शैलजा ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के खोखले दावे कर रही है।

उन्होंने कहा, “इसके उलट सरकार किसानों की समस्या बढ़ा रही है। कोविड-19 महामारी के कारण उपजी इस कठिन स्थिति में किसानों को राहत देने की बजाय, डीजल के दाम तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं जिससे लागत बढ़ रही है। इससे किसानों और आम उपभोक्ताओं पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।”

अध्यादेशों पर शैलजा ने कहा, “चीजों को सरल बनाने की बजाय और कठिन किया जा रहा है। हमारी मंडियां जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैं, वह नई व्यवस्था से बर्बाद हो जाएंगी और एक झटके में सब खत्म हो जाएगा।”

आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक पर शैलजा ने कहा, “किसी के द्वारा किए गए उत्पादन के भंडारण पर जब कोई रोक नहीं होगी तब जमाखोरी और कालाबाजारी बढ़ेगी।”

केंद्र सरकार द्वारा तीन अध्यादेश लाए गए हैं जिन पर पंजाब और हरियाणा के कई किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

कैथक में एक किसान ने कहा, “इन अध्यादेशों से यदि नई व्यवस्था लागू की जाती है तो लंबे समय से चली आ रही मंडी व्यवस्था बर्बाद हो जाएगी।”

उन्होंने कहा, “आखिरकार हमें लाभ होने की बजाय इससे हमारा शोषण होगा क्योंकि बाजार की शक्तियों के हिसाब से चीजों पर नियंत्रण होगा।”

अध्यादेशों के मुद्दे पर किसानों ने उपायुक्तों के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भी सौंपा।

हरियाणा भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह ने कुरुक्षेत्र में शाहाबाद में कहा पहले हर व्यापारी मंडी से फसल खरीद लेता था लेकिन नए अध्यादेश के मुताबिक व्यापारी को मंडी के बाहर से खरीदना होगा।

उन्होंने कहा कि इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा और फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म हो जाएगा।

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