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देश की खबरें | करनाल सचिवालय के बाहर डटे किसान, आईएएस अधिकारी के निलंबन की मांग

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. किसानों के एक समूह पर पिछले महीने पुलिस को लाठीचार्ज करने का आदेश देने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी आयुष सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान बुधवार को यहां जिला मुख्यालय के प्रवेश द्वार के बाहर डटे रहे।

देश की खबरें | करनाल सचिवालय के बाहर डटे किसान, आईएएस अधिकारी के निलंबन की मांग

करनाल, आठ सितंबर किसानों के एक समूह पर पिछले महीने पुलिस को लाठीचार्ज करने का आदेश देने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी आयुष सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान बुधवार को यहां जिला मुख्यालय के प्रवेश द्वार के बाहर डटे रहे।

किसान स्थानीय प्रशासन से बातचीत विफल रहने के बाद मंगलवार शाम को लघु सचिवालय के प्रवेश द्वारों के बाहर बैठे रहे। कई किसानों ने वहीं रात बितायी।

प्रदर्शनकारी 28 अगस्त को यहां पुलिस के लाठीचार्ज करने पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग करनाल के पूर्व एसडीएम सिन्हा से संबंधित है, जिनका नौकरशाही में बड़े फेरबदल के तौर पर तबादला कर दिया गया है।

किसान संघ के नेता सिन्हा के निलंबन की मांग कर रहे हैं। सिन्हा को एक टेप में पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि अगर प्रदर्शनकारी सुरक्षा तोड़ते हैं तो उनका ‘‘सिर फोड़ देना’’।

भारतीय जनता पार्टी की एक बैठक स्थल की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान पुलिस के साथ झड़प में करीब 10 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। उनके नेताओं ने यह भी दावा किया कि एक किसान की बाद में मौत हो गयी। हालांकि प्रशासन ने इस आरोप से इनकार किया।

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के कई नेताओं के साथ किसानों ने लघु सचिवालय के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर रात बितायी। सुबह प्रदर्शनकारी घटनास्थल पर चाय बनाते हुए और नाश्ता देते हुए दिखायी दिए।

हरियाणा भारतीय किसान यूनियन (चडूनी) प्रमुख गुरनाम सिंह चडूनी ने बुधवार को पत्रकारों से कहा, ‘‘हम यहां से तब तक कहीं नहीं जा रहे हैं जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती।’’

सिन्हा के निलंबन की मांग पर उन्होंने कहा, ‘‘पहले तो हम कह रहे हैं कि उनका तबादला करना सजा नहीं है। हम यह भी कह रहे हैं कि जब किसानों पर सड़क अवरुद्ध करने तक के लिए मामला दर्ज कर लिया जाता है तो उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए जिन्होंने पुलिस को सिर फोड़ने का आदेश दिया। क्या कोई कानून है जिसके तहत ऐसा आदेश दिया जा सकता है?’’

दिल्ली-करनाल-अंबाला एनएच-44 पर यातायात सामान्य है। किसानों की महापंचायत से एक दिन पहले सोमवार को यहां सुरक्षा बढ़ा दी गयी थी और केंद्रीय बलों को तैनात किया गया था।

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 08, 2021 12:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).