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देश की खबरें | सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी की मांग को लेकर किसानों ने राजमार्गों पर जाम लगाया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले सहित बीकानेर संभाग के किसानों ने फसलों की सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी की मांग को लेकर शनिवार को राजमार्गों पर जाम लगा कर विरोध प्रदर्शन किया।

देश की खबरें | सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी की मांग को लेकर किसानों ने राजमार्गों पर जाम लगाया

जयपुर, 15 फरवरी राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले सहित बीकानेर संभाग के किसानों ने फसलों की सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी की मांग को लेकर शनिवार को राजमार्गों पर जाम लगा कर विरोध प्रदर्शन किया।

इंदिरा गांधी नहर में पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसान अलग-अलग स्थानों पर धरने पर बैठे और सभाएं कीं। किसानों ने मांगें पूरी न होने तक विरोध-प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रशासन की ओर से सुरक्षा के सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों ने रावला, घड़साना और जैतसर समेत कई स्थानों पर अवरोधक लगाकर राष्ट्रीय राजमार्ग-911 को जाम कर दिया है।

किसानों ने 13 एमडी टोल नाका, रामसिंहपुर, सलेमपुरा, खाजूवाला समेत पांच स्थानों पर भी जाम लगाया गया है।

किसान नेता सत्यप्रकाश सिहाग ने आरोप लगाया, ‘‘अनूपगढ़ शाखा में 2400 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, लेकिन मुख्य अभियंता ने जानबूझकर कम पानी छोड़ा है। अगर सभी नहरों से पानी दो भागों में बांटकर पांच दिन तक पूरी क्षमता के हिसाब से हर किसान को दिया जाए तो कोई समस्या नहीं होगी।’’

उन्होंने कहा कि अगर जलदाय विभाग द्वारा टैंक भरने के नाम पर कोई अनियमितता हुई तो आंदोलन जारी रहेगा।

किसानों के आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 10 पुलिस उपाधीक्षक के साथ करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए वाटर कैनन और विशेष दंगा रोधी वाहन भी तैनात किए गए हैं।

पुलिस उपमहानिरीक्षक गौरव यादव पूरी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

एक अन्य किसान नेता राजू जाट ने कहा, ‘‘वर्ष 2012 और 2013 में किसानों ने सात दिनों तक सड़कें जाम की थीं। सरकार को तुरंत प्रभाव से 2400 क्यूसेक पानी छोड़ना चाहिए ताकि आंदोलन आगे न बढ़े।’’

अमरजीत सिंह मेहरडा के नेतृत्व में सरकारी प्रतिनिधिमंडल और विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ सकारात्मक वार्ता हुई, लेकिन वे आम सहमति बनाने में विफल रहे, जिसके कारण आज किसानों ने राजमार्ग जाम कर दिया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 15, 2025 04:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).