गोरखपुर (उप्र), 24 दिसंबर मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले के आरोपी डॉक्टर के फर्जी दस्तखत देवरिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के उपस्थिति रजिस्टर में पाए जाने का मामला सामने आने पर इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि व्यापमं घोटाले के आरोपी डॉक्टर गौरव शाही पिछले नवंबर से गैरहाजिर हैं, लेकिन सीएमओ कार्यालय के हाजिरी रजिस्टर में उनके दस्तखत पाए गए हैं।
शाही पूर्व में देवरिया जिले में स्थित भलुआनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात थे, लेकिन वर्ष 2016 में मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले मामले में उनका नाम सामने आने पर उन्हें निलंबित करके सीएमओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था।
सूत्रों ने बताया कि डॉ. शाही गत नवंबर से गैरहाजिर हैं लेकिन कोई व्यक्ति हाजिरी पंजिका में रोजाना उनके दस्तखत कर रहा है।
देवरिया के सीएमओ डॉ. आलोक पांडे ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और उसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दोषी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि उन्होंने एक नोटिस जारी कर इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा है कि डॉ गौरव शाही के फर्जी हस्ताक्षर किसने किए। नोटिस में यह भी कहा गया है कि अगर किसी अन्य स्रोत से सच्चाई सामने आई तो और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2012 में मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल या व्यापमं द्वारा दाखिला एवं भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर कथित गड़बड़ी का खुलासा हुआ था।
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