श्रीनगर, पांच सितंबर जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में पुलिस ने फर्जी रोजगार गिरोह चला रहे पांच लोगों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए नजीर अहमद खान को गिरफ्तार किया जिसने एक युवा से कथित तौर पर मिलिट्री इंजीनियरिंग सेवा(एमईएस) में नौकरी दिलाने का वादा कर 70,000 रुपये ठगे थे।
अधिकारियों ने कहा, ''शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए और मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) से विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिलने के बाद क्रालपोरा थाने ने प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की।''
जांच के दौरान, प्रमुख गवाहों से पूछताछ की गई और साक्ष्यों के तौर पर नकली नियुक्ति पत्रों को जब्त किया गया।
अधिकारी ने कहा, ''खान को बाद में घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने घोटालेबाजों के एक समूह के साथ जुड़े होने का खुलासा किया, जो एमईएस में रोजगार की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं को धोखा देने के लिए एक विशिष्ट कार्यप्रणाली का इस्तेमाल करते थे।''
उन्होंने कहा, ''खान ने अपने चार साथियों जहूर अहमद मीर, शकील अहमद मकरू, फिरोज अहमद खाशु और शफकत अहमद शाह के बारे में बताया, उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।''
उन्होंने बताया कि मकरू, इस घोटाले का सरगना था और वह अपना नाम 'राजू' रखकर काम करता था। वह खुद को श्रीनगर में तैनात एमईएस अधिकारी बताता था।
अधिकारियों ने बताया कि उसने मीर, खाशु और खान की सहायता ली जिन्हें नौकरी चाहने वालों से पैसे ऐंठने का काम सौंपा गया।
उन्होंने बताया कि इस गिरोह में शाह एक तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में काम करता था जो फर्जी नियुक्त पत्रों और अन्य दस्तावेजों को छापने का काम करता था।
अधिकारियों ने कहा, ''अब तक, इस गिरोह ने उत्तरी कश्मीर में आठ बेरोजगार युवाओं को ठगा है, जिनमें करीब 25 लाख रुपये ऐंठे गए हैं।''
उन्होंने बताया कि मामले में आगे की जांच की जा रही है तथा और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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