जलपाईगुड़ी (प.बंगाल), तीन अप्रैल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को बॉट लीफ फैक्ट्रीज (बीएलएफ) से छोटे चाय उत्पादकों से हरी पत्तियों की खरीद जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानदंडों के अनुपालन से संबंधित मुद्दे को लोकसभा चुनाव के बाद राज्य प्रशासन द्वारा सुलझाया जाएगा।
उत्तर बंगाल के अपने दौरे के दौरान संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे चाय उत्पादक (एसटीजी) कारखानों को हरी पत्तियां बेचते थे, जिन्होंने अचानक उनसे खरीद बंद कर दी है क्योंकि उन्होंने उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित केवल एफएसएसएआई मानकों वाली चाय खरीदने का फैसला किया है।
बनर्जी ने कहा, ‘‘छोटे चाय उत्पादक अपनी पांच बीघे तक की जमीन पर हरी पत्तियों का उत्पादन करते हैं और कारखानों को बेचते हैं। इस काम में करीब 10 लाख लोग लगे हैं। मैं उनसे उत्पादन जारी रखने का अनुरोध करती हूं और हम चुनाव के बाद कीटनाशकों के मुद्दे पर जिसे टी बोर्ड और अन्य प्राधिकारियों ने उठाया था वैज्ञानिकों से बात करेंगे और समाधान निकालेंगे।’’
उन्होंने उत्तर बंगाल के प्रशासन से भी यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि बीएलएफ द्वारा हरी पत्ती की खरीदारी बंद न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह पूरी तरह से मानवीय आधार पर है और इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। यह कई चाय उत्पादकों और उनके परिवारों की आजीविका का मामला है।’’
बनर्जी ने दावा किया कि छोटे चाय उत्पादकों को अपने उत्पाद में सुधार करने का समय नहीं दिया गया और बीएलएफ ने खाद्य सुरक्षा मानदंड पूरा नहीं करने वालो से हरी पत्तियों की खरीद अचानक बंद कर दी है।
उत्तर बंगाल चाय उत्पादक कल्याण संघ ने 29 मार्च को चाय बोर्ड को पत्र लिखकर कहा था कि बीएलएफ केवल भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मानदंडों के अनुरूप चाय का उत्पादन करेगा।
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