नयी दिल्ली, 10 मई पाकिस्तान ने भारत के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन कर हमले करने के लिए विस्फोटक लदे ड्रोन संस्करण सहित स्वार्म ड्रोन से लेकर सशस्त्र मानव रहित हवाई यानों (यूएवी) तक का इस्तेमाल किया।
सूत्रों ने बताया कि इन ड्रोन को इसलिए तैनात किया गया ताकि दोनों देशों के बीच संघर्ष के दौरान भारत को नुकसान पहुंचाया जा सके, लेकिन भारतीय सेना ने हमलों को प्रभावी ढंग से विफल कर दिया।
इस प्रौद्योगिकी के जानकार लोगों ने बताया कि एक विस्फोटक ड्रोन, गोला-बारूद के साथ या इसके बिना किसी लक्ष्य पर गिरता है और धमाके के साथ नुकसान पहुंचाता है।
सेना के एक सूत्र ने कहा कि बिना सीधे संपर्क वाले युद्ध के साधन के रूप में ड्रोन ने आर्मेनिया-अजरबैजान संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन भारत और पाकिस्तान के संदर्भ में देखा जाए तो यह पहली बार है कि ड्रोन का इतने बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है।
सूत्र ने कहा कि पाकिस्तान ने भारतीय वायु क्षेत्र में घुसपैठ करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया है, लेकिन भारतीय सेना की मजबूत वायु रक्षा प्रणाली की बदौलत उसे उचित और प्रभावी जवाब मिला है।
सरकार ने कहा कि इस्लामाबाद ने बृहस्पतिवार रात भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के अपने असफल प्रयास में लेह से लेकर सर क्रीक तक 36 स्थानों पर तुर्किए के 300 से 400 ड्रोन दागे।
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