नयी दिल्ली, नौ जून राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने दिल्ली के कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धनशोधन के मामलों में शहर के व्यवसायी अमनदीप सिंह ढल की जमानत याचिकाओं को शुक्रवार को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनकी भूमिका “गंभीर और संगीन” है।
इन मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है।
विशेष न्यायाधीश एम.के. नागपाल ने ब्रिंडको सेल्स के एक निदेशक ढल को राहत देने से इनकार कर दिया, जिसने कथित रूप से अभियुक्तों के साथ साजिश रची थी। वह शराब नीति के निर्माण में “सक्रिय रूप से” शामिल था और विभिन्न माध्यमों से आम आदमी पार्टी (आप) को रिश्वत देना और ‘साउथ ग्रुप’ द्वारा उसकी वसूली करने में संलिप्त था।
अदालत ने माना कि ढल द्वारा कथित धनशोधन में निभाई गई भूमिका अन्य सह-अभियुक्तों की कार्रवाई की तुलना में अधिक गंभीर और संगीन थी।
अदालत ने कहा, “यह देखा गया है कि धनशोधन के कथित अपराध में इस याचिकाकर्ता द्वारा निभाई गई भूमिका किसी अन्य सह-अभियुक्त द्वारा निभाई गई भूमिका से भी अधिक गंभीर या संगीन है।”
इसमें कहा गया है कि ढल को उनकी थोक इकाई ब्रिंडको के माध्यम से अपराध की आय हासिल करने से संबंधित आपराधिक गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल पाया गया था।
अदालत ने कहा, “उपरोक्त सभी के अलावा, याचिकाकर्ता के खिलाफ कुछ विशिष्ट आरोप और सबूत भी रिकॉर्ड में हैं, जो उसके कब्जे से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेजों और सामग्री की बरामदगी दर्शा रहे हैं।”
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