गुवाहाटी/हैलाकांडी, तीन नवंबर असम के पूर्व मंत्री और प्रख्यात वकील अब्दुल मुहिब मजूमदार का बुधवार को यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे और आयु संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। मजूमदार के करीबी सहयोगियों ने यह जानकारी दी।
मजूमदार की दो बेटियां हैं। उनका पिछले एक महीने से गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार जारी था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। बुधवार शाम को मजूमदार को गुवाहाटी के इस्लामपुर कब्रिस्तान में दफनाया गया।
मजूमदार का जन्म 20 अगस्त 1932 को असम में बराक घाटी के हैलाकांडी में हुआ था और उन्होंने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के साथ ही उच्चतम न्यायालय में भी वकालत की। वह असम के महाधिवक्ता भी रहे।
हैलाकांडी विधानसभा सीट से चार बार विधायक रहे मजूमदार वरिष्ठ कांग्रेसी नेता थे और वह हितेश्वर सैकिया की सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे।
मजूमदार ने असम के तत्कालीन कानून मंत्री रहने के दौरान असम समझौता, 1985 का मसौदा तैयार करने में भी अहम भूमिका निभायी थी।
असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने मजूमदार के निधन पर शोक जताया और उनके निधन को समाज के लिए बड़ी क्षति करार दिया।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शोक जताते हुए कहा कि समाज और राज्य की राजनीति में मजूमदार के उत्कृष्ट योगदान को जनता सदैव याद रखेगी। कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने भी ट्वीट कर मजूदमदार के निधन पर शोक जताया।
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