विदेश की खबरें | इजराइल-हमास युद्ध के एक साल बाद भी गाजा में बना हुआ है भुखमरी का खतरा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

यह निष्कर्ष अमेरिका द्वारा इजराइल को यह चेतावनी दिए जाने के बाद आया है कि यदि उसका सहयोगी (इजराइल) गाजा में मानवीय संकट को दूर करने के लिए और अधिक प्रयास नहीं करता है, तो वह सैन्य सहायता बंद कर सकता है।

गाजा में लाखों लोग विस्थापित हो गए हैं और उन्होंने तंबुओं वाले मलीन शिविरों तथा स्कूलों में आश्रय ले रखी है।

हाल के हफ्तों में इजराइल ने एक बार फिर गाजा के उत्तरी क्षेत्र में एक बड़े हिस्से को खाली करने का आदेश दिया है तथा वहां एक और बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। इसने अक्टूबर के शुरूआती दो हफ्तों तक उत्तरी हिस्से में कोई खाद्य सामग्री नहीं आने दी, उसके बाद सोमवार को आपूर्ति फिर से शुरू करने दे दिया।

बुधवार को दूसरी खेप की घोषणा करते हुए एक बयान में, सेना ने कहा कि वह ‘‘गाजा पट्टी में मानवीय सहायता के प्रवेश को सुविधाजनक बनाने और आसान बनाने के लिए’’ अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार कार्य करना जारी रखेगी।

गाजा की 86 प्रतिशत आबादी भुखमरी का सामना कर रही है।

गाजा में 18 लाख से अधिक लोग, या इसकी लगभग 86 प्रतिशत आबादी, भूख के संकटपूर्ण स्तर का सामना कर रही है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)