विदेश की खबरें | ईयू ने आगाह किया : अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे नहीं हटे ब्रिटेन

दोनों पक्षों के बीच परस्पर भरोसे में कमी आने के संकेत के बीच ब्रेक्जिट के बाद की एक और दौर की बातचीत मंगलवार को होने वाली है। संगठन ने कहा कि अलग होने के समझौते से ब्रिटिश सरकार द्वारा एकतरफा पीछे हटने पर आयरलैंड द्वीप पर मुश्किल से बनी शांति प्रक्रिया खतरे में पड़ सकती है। इसके साथ ही व्यापार सौदे की संभावनाएं भी प्रभावित हो सकते हैं।

यूरोपीय संघ के कार्यकारी आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बोरिस जॉनसन सरकार उस समझौते का पालन करेगी जिससे 31 जनवरी को ब्रिटेन के ईयू से सुचारू तरीके से निकलने का रास्ता प्रशस्त हुआ था।

यह भी पढ़े | Ujji Krishnan Committed Suicide in Oman: ओमान के मस्कट में 50 वर्षीय प्रवासी भारतीय कलाकार उज्जी कृष्णन ने की खुदकुशी.

उन्होंने कहा कि समझौते में उत्तरी आयरलैंड के ब्रिटिश क्षेत्र और यूरोपीय संघ के सदस्य आयरलैंड के बीच खुली सीमा सुनिश्चित करने की बात की गयी है। उन्होंने कहा कि यह द्वीप पर शांति और स्थिरता की रक्षा के साथ ही ईयू के शुल्क-मुक्त और टकराव रहित एकल बाजार के लिए आवश्यक है।

उनकी टिप्पणी समाचार पत्र ‘‘फाइनेंशियल टाइम्स’’ में प्रकाशित एक खबर के बाद आयी है। खबर के अनुसार प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की सरकार एक घरेलू कानून की योजना बना रही है जो आयरिश सीमा और संधि के अन्य मुद्दों का उल्लंघन कर सकता है।

यह भी पढ़े | Earthquake Hits Indonesia and Japan: इंडोनेशिया में 6.7 तीव्रता और जापान में 5.2 तीव्रता का भूकंप, जान-माल का नुकसान नहीं.

इस बीच यूरोपीय संघ के प्रमुख ब्रेक्सिट वार्ताकार ने सोमवार को कहा कि वह उस रिपोर्ट को लेकर लंदन से स्पष्टीकरण मांगेंगे जिसमें कहा गया है कि ब्रिटेन संगठन से अलग होने के दौरान जतायी गयी अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हट सकता है।

प्रमुख ब्रेक्जिट वार्ताकार मिशेल बार्निए ने फ्रांसीसी रेडियो ‘फ्रांस इंटर’ से कहा कि यह दिशानिर्देश (प्रोटोकॉल) शांति बनाए रखने और एकल बाजार के संरक्षण से संबंधित है। यह हमारे बीच परस्पर भरोसे के लिए एक पूर्व-शर्त है।

उन्होंने कहा कि विगत में जिन मुद्दों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, उनका पूरी तरह से सम्मान किया जाना चाहिए।

बार्निए ने कहा कि वह अपने ब्रिटिश समकक्ष डेविड फ्रॉस्ट से इस संबंध में ब्यौरा मांगेंगे ताकि सरकार के इरादों को ठीक से समझा जा सके।

एपी

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)