जर्मनी की एक अदालत के अनुरोध पर यूरोपियन कोर्ट ऑफ़ जस्टिस ने अपनी यह राय दी है।
म्यूनिख की अदालत उन दो लोगों के मामले पर विचार कर रही है, जिन्होंने 13 मार्च, 2020 से शुरू होने वाले ग्रैन कैनरिया के स्पेनिश द्वीप पर दो सप्ताह के टूर पैकेज खरीदे थे, लेकिन ठीक उसी समय यूरोप में महामारी फैल गई थी।
दो दिन बाद ही वहां लगाये गए प्रतिबंधों और तत्पश्चात उनकी जल्द वापसी के कारण वे पैकेज की कीमतों में से 70 प्रतिशत वापस मांग कर रहे हैं।
ईयू की अदालत ने कहा कि जब 15 मार्च, 2020 को प्रतिबंध लगाये गये थे तो बीच बंद कर दिये गये थे, कर्फ्यू लगा दिया गया था तथा वादियों को केवल खाना खाने के लिए ही होटल के कमरे से निकलने की अनुमति दी गयी थी। उसके बाद 18 मार्च, 2020 को उन्हें कभी भी होटल छोड़ने को तैयार रहने को कहा गया था और दो दिन बाद उन्हें जर्मनी लौटना पड़ा था।
टूर ऑपरेटर ने इस आधार पर अनुरोधित कटौती को ठुकरा दिया था कि ‘आम जीवन के जोखिम’ के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
जर्मन अदालत को अब यह आकलन करना होगा कि क्या इस मुद्दे से संबंधित विशिष्ट मामले में प्रतिबंध ‘टूर आर्गेनाइजर’ द्वारा अनुबंध के ‘निष्पादन में विफलता या अनुचित प्रदर्शन’ के तहत आ सकता है।
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