नयी दिल्ली, 22 सितंबर सरकार ने मंगलवार को बताया कि संसद के नये भवन के निर्माण की अनुमानित लागत 971 करोड़ रूपये है।
लोकसभा में माला राय के प्रश्न के लिखित उत्तर में शहरी एवं आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संसद के नये भवन के निर्माण के लिये निविदा खुली बोली के माध्यम से आमंत्रित की गई। मेसर्स टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड 861.91 करोड़ रूपये की निविदा वाले न्यूनतम निविदाकार के रूप में सामने आया।
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पुरी ने कहा, ‘‘ सेंट्रल विस्टा एवन्यू और अन्य भवनों के विकास एवं पुनर्विकास की अनुमानित लागत को योजनाओं को अंतिम रूप देने के पश्चात जुटाया जाएगा। ’’
उन्होंने बताया कि मौजूदा संसद भवन का निर्माण कार्य वर्ष 1921 में किया गया था और वर्ष 1927 में इसे पूरा किया गया। इस प्रकार भवन पहले ही 93 वर्ष पुराना है। तब से इसे विरासत श्रेणी-1 भवन घोषित किया गया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संसद की वर्तमान मांग को पूरा करने के लिये इसकी सुविधाएं अपर्याप्त है। इसमें कार्यालय स्थान की भारी कमी है और संसद सदस्यों के लिये अलग-अलग कक्ष भी नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि यह भवन द्विसदनीय संसद के लिये नहीं था।
हरदीप पुरी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद सेंट्रल विस्टा के अन्य भवन जैसे कृषि भवन, उद्योग भवन आदि बनाए गए। ये भवन 50 वर्ष से अधिक पुराने हैं और कुशल कार्यालय माहौल के लिये इन भवनों में काम करने की जगह, पार्किंग, सुविधाओं और सेवाओं की कमी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सेंट्रल विस्टा के विकास/पुनर्विकास के लिये परामर्शी कार्य केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा अपनायी गई गुणवत्ता सह लागत आधारित निविदा प्रणाली के माध्यम से एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है।
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