इस्लामाबाद, 15 फरवरी विश्व बैंक की निजी निवेश इकाई अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) पाकिस्तान में इक्विटी निवेश बढ़ा रही है और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
समाचार पत्र ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने कहा है कि पाकिस्तान के दौरे पर आए आईएफसी प्रमुख मख्तर दिओप के अनुसार, इस निवेश योजना से अगले दशक में सालाना दो अरब डॉलर तक की पूंजी जुटाई जा सकती है।
उनकी पाकिस्तान यात्रा विश्व बैंक द्वारा 20 अरब डॉलर के ‘देश साझेदारी ढांचे’ की घोषणा के बाद हो रही है, जिसमें आईएफसी भी इतनी ही राशि आवंटित करेगा।
दिओप ने इस बात पर जोर दिया कि दो अरब डॉलर का वार्षिक निवेश पाकिस्तान के लिए पर्याप्त नहीं है, क्योंकि उसे ऊर्जा, जल, बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों जैसे क्षेत्रों में व्यापक बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कुछ ही महीनों में प्रमुख परियोजनाओं पर प्रगति से यह संकेत मिलेगा कि पाकिस्तान महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए बड़े पैमाने पर वित्तपोषण प्राप्त करने के लिए तैयार है।
दिओप ने पाकिस्तान के कृषि, बुनियादी ढांचे, वित्त और डिजिटल उद्योगों में आईएफसी की रुचि पर प्रकाश डाला।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि इक्विटी-आधारित लेनदेन देश के विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे क्योंकि आईएफसी पाकिस्तान सहित वैश्विक स्तर पर अपने इक्विटी निवेश को बढ़ा रहा है।
रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को यहां दिओप से बातचीत करते हुए पाकिस्तान में निजी निवेश को बढ़ावा देने में आईएफसी की भूमिका की सराहना की।
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