दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सख्ती, नवंबर 2026 से प्रवेश नहीं कर सकेंगी पेट्रोल-डीजल बसें, सिर्फ इलेक्ट्रिक, CNG सहित इन बसों को एंट्री

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को निर्देश दिया कि सीएनजी, बिजली या नवीनतम बीएस-6 डीजल जैसे स्वच्छ ईंधन से न चलने वाली किसी भी बस को एक नवंबर 2026 से दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. यह आदेश दिल्ली में प्रवेश करने वाली सभी बसों पर लागू होगा, जिनमें अखिल भारतीय पर्यटक परमिट और स्कूल बस परमिट के तहत चलने वाली बसों समेत विभिन्न श्रेणी की बस शामिल हैं.

दिल्ली में पंजीकृत बसों को छूट

हालांकि, दिल्ली में पंजीकृत बसों को छूट दी गई है. दूसरे राज्यों की पुरानी और प्रदूषणकारी बसों से दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ता है. भले ही स्वच्छ ईंधन वाली बस अब अधिक आम हैं, लेकिन राजधानी में आने वाली कई बसों में अब भी अस्वच्छ ईंधन का उपयोग किया जाता है. यह भी पढ़े: Delhi Air Pollution: COP29 बैठक में उठा दिल्ली में प्रदूषण का मुद्दा, विशेषज्ञों ने हेल्थ इमेर्जेंसी घोषित किया

आयोग ने क्या कहा

आयोग ने पहले हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश और जम्मू कश्मीर समेत विभिन्न राज्यों को 2024 के मध्य या 2025 की शुरुआत तक स्वच्छ ईंधन वाली बसों का इस्तेमाल करने के लिए कहा था.

सिर्फ इन बसों को मिलेगी इंट्री

सीएक्यूएम ने कहा कि एक नवंबर 2026 से केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस 6 डीजल बसों को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. दिल्ली के परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को सीमा प्रवेश बिंदुओं पर इस निर्देश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. दूसरे राज्यों की सरकारों को भी सभी बस मालिकों और कंपनियों को नए नियम के बारे में पहले से सूचित करने के लिए कहा गया है.

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