मुंबई, आठ अगस्त बंबई उच्च न्यायालय ने एल्गार परिषद-कोरेगांव भीमा मामले में दो आरोपियों की कोविड-19 की जांच रिपोर्ट में विसंगतियों के मामले में महाराष्ट्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
अदालत को सूचित किया गया था कि एल्गार परिषद-कोरेगांव भीमा मामले में आरोपियों महेश राउत और आनंद तेलतुंबडे की कोविड-19 की जांच रिपोर्ट में वजन, कद और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक समान हैं।
राउत के वकील विजय हीरेमथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई में पांच अगस्त को विसंगतियों को अदालत के संज्ञान में लाये।
राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद तीन अगस्त को दोनों आरोपियों की कोविड-19 जांच रिपोर्ट जमा की थीं।
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रिपोर्ट की विषयवस्तु पांच अगस्त को सार्वजनिक की गयीं।
राउत के वकील हीरेमथ ने दावा किया कि रिपोर्ट में जहां राउत को कोरोना वायरस संक्रमण नहीं होने की पुष्टि हुई है, वहीं उनके स्वास्थ्य मानक तेलतुंबडे की रिपोर्ट के समान ही हैं।
तेलतुंबडे की रिपोर्ट में पता चला है कि उनमें कोरोना वायरस के लिए एंटीबॉडी विकसित हो गये हैं जिसका आशय है कि वह पहले वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।
हीरेमथ ने अदालत से कहा कि अदालत को कथित रिपोर्टों को स्वीकार नहीं करना चाहिए।
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