देश की खबरें | चुनावी बॉण्ड योजना मोदी सरकार के सबसे खतरनाक कार्यों में से एक: कांग्रेस

नयी दिल्ली, 26 सितंबर कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि चुनावी बॉण्ड योजना नरेंद्र मोदी सरकार के सबसे खतरनाक कार्यों में से एक है, क्योंकि यह (योजना) देश में चुनाव प्रणाली और लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि चुनावी बॉण्ड योजना न केवल काले धन को सफेद करने का एक तरीका है, बल्कि राजनीतिक चंदे पर सत्तारूढ़ दल की वित्तीय पकड़ भी सुनिश्चित करती है। रमेश के अनुसार, इस योजना का भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल ने विरोध किया था।

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘यह किसी से छिपा नहीं है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में डॉ. उर्जित पटेल ने मोदी सरकार की चुनावी बॉण्ड योजना का विरोध किया था। अब तत्कालीन वित्त सचिव (सुभाष गर्ग) का संस्मरण इस बात की पुष्टि करता है कि डॉ. पटेल ने इस बात पर जोर दिया था कि चुनावी बॉण्ड केवल आरबीआई द्वारा जारी किए जाने चाहिए और वह भी पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए डिजिटल मोड में जारी किए जाएं।’’

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पटेल बिल्कुल सही थे, क्योंकि चुनावी बॉण्ड योजना देश की चुनावी प्रणाली और लोकतंत्र को कमजोर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘चुनावी बॉण्ड योजना मोदी सरकार के सबसे खतरनाक कृत्यों में से एक है। यह न केवल भाजपा के पक्ष में काले धन को सफेद करने का एक तरीका है, बल्कि व्यावसायिक समूहों के राजनीतिक चंदे पर सरकार के माध्यम से भाजपा का वित्तीय नियंत्रण सुनिश्चित करती है।’’

उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की एक हालिया टिप्पणी का हवाला दिया और कहा, ‘‘राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल सरकारी मशीनरी पर भाजपा के पूर्ण कब्जे को हराने के लिए एक साथ आए हैं।’’

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