मुंबई, 18 फरवरी शिवसेना (यूबीटी) नेता अरविंद सावंत ने शनिवार को निर्वाचन आयोग के इस दावे को खारिज कर दिया कि 2018 में पार्टी संविधान में किए गए संशोधन उसके रिकॉर्ड में नहीं थे।
निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले समूह को ‘शिवसेना’ नाम और उसका चुनाव चिह्न ‘धनुष-बाण’ आवंटित किया था। इसे उद्धव ठाकरे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
आयोग ने कहा था कि प्रतिवादी (ठाकरे गुट) ने चुनाव चिह्न और संगठन पर दावा करने के लिए पार्टी के 2018 के संविधान पर बहुत भरोसा किया था, लेकिन पार्टी ने संविधान में संशोधन के बारे में आयोग को सूचित नहीं किया था।
निर्वाचन आयोग ने कहा कि शिवसेना का 2018 में संशोधित किया गया संविधान आयोग के रिकॉर्ड में नहीं है।
मुंबई दक्षिण से सांसद सावंत ने पत्रकारों से कहा, ‘‘पार्टी नेता अनिल देसाई ने चार अप्रैल, 2018 को एक वीडियो के साथ बैठक का विवरण और अन्य जानकारी आयोग को सौंपी थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग कैसे कह सकता है कि उसे सूचित नहीं किया गया था।’’
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