नयी दिल्ली, तीन जून सार्वजनिक क्षेत्र की गेल और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज़ लिमिटेड (ईईएसएल) ने देश में ‘ट्राईजनरेशन’ परियोजनाओं के विकास के लिये बुधवार को सहमति पत्र पर दस्तखत किये।
‘ट्राइजनरेशन’ एक ईंधन से एक ही साथ चीजों को ठंडा रखने, गर्माहट पैदा करने और बिजली उत्पादन की एक तकनीक है। सामान्य रूप से इस तकनीक का उपयोग प्राकृतिक गैस अधारित जनरेटरों में होता है।
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गैस आधारित जनरेटरों का उपयोग बिजली पैदा करने में किया जाता है। फ्लू गैस से निकलने वाली गर्माहट (हीट) को एकत्रित कर उसका उपयोग गर्म पानी या ‘स्टीम’ में किया जाता है। इसका उपयोग गर्मी पैदा करने या ठंडा करने के लिये चिलर में किया जा सकता है।
ईईएसएल ने एक बयान में कहा कि इस सहमति पत्र का मकसद संयुक्त रूप से देश में ‘ट्राइजनरेशन’ कारोबार में अवसर तलाशकर दोनों कंपनियों के बीच एक राणनीतिक भागीदारी तैयार करना है।
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इस समझौते के तहत गेल और ईईएसएल संयुक्त रूप से अध्ययन करेंगे और अगर व्यवहारिक पाया गया तो दोनों कंपनियां ट्राइजनरेशन परियोजनाओं के लिये 50:50 के अनुपात में संयुक्त उद्यम बनाएंगी।
गेल के चेयरमेन और प्रबंध निदेशक मनोज जैन ने कहा, ‘‘देश में खासकर छोटे उद्योगों, वाणिज्यिक क्षेत्रों और कार्यालय इमारतों में ‘ट्राइजनरेशन’ परियोजनाओं के लिये उल्लेखनीय बाजार है। यह कारोबार अभी शुरूआती चरण में है, इस गठजोड़ से पहले आगे बढ़ने का लाभ ठीक उसी तरह से मिल सकता है जैसा कि गेल को सिटी गैस कारोबार में हुआ था।’’
सहमति पत्र पर गेल के कार्यकारी निदेशक (व्यापार और परियोजना विकास) शांतनु राय और ईईएसएल के कार्यकारी निदेशक (रणनीतिक वृद्धि) अमित कुमार ने वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये दस्तखत किये।
इस मौके पर गेल के प्रमुख मनोज जैन और ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार मौजूद थे।
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