मुंबई, 14 अप्रैल पंजाब नेशनल बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी, फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम में गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका मुंबई की एक अदालत में लगभग सात वर्षों से लंबित है।
चोकसी (65) और उसका भांजा हीरा व्यापारी नीरव मोदी 13,000 करोड़ रुपये के पीएनबी बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी हैं। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि भारतीय जांच एजेंसियों द्वारा प्रत्यर्पण अनुरोध के बाद चोकसी को बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया।
प्रवर्तन निदेशालय ने जुलाई 2018 में आवेदन दायर कर चोकसी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने और भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के प्रावधानों के तहत उसकी संपत्ति जब्त करने का अनुरोध किया था।
फरवरी में एक बार फिर सुनवाई स्थगित होने के बाद ईडी के एक अधिकारी ने कहा था, “अदालत कम जरूरी आवेदनों से व्यस्त है, और उसे (चोकसी को) एफईओ घोषित करने के हमारे आवेदन पर सुनवाई पिछले सात वर्षों से स्थगित है।”
अधिकारी ने कहा, “आवेदन प्रस्तुत होने के बाद अदालत को सुनवाई जारी रखनी चाहिए थी तथा भविष्य की कार्रवाई पर निर्णय लेना चाहिए था।”
उन्होंने अदालत से आग्रह किया था कि वह इसी तरह के आवेदन बार-बार दायर किए जाने पर ध्यान दे...।
चोकसी के वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी बेल्जियम में कैंसर की संदिग्ध बीमारी का इलाज करा रहा है और वह अपने स्वास्थ्य के संबंध में एक आवेदन दायर करना चाहता है।
एफईओ अधिनियम के तहत, किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा सकता है, यदि उसके खिलाफ 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक के अपराध के लिए वारंट जारी किया गया हो और वह भारत छोड़कर चला गया हो तथा वापस लौटने से इनकार कर रहा हो। एक बार एफईओ घोषित होने के बाद, जांच एजेंसी द्वारा व्यक्ति की संपत्ति जब्त की जा सकती है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY