नयी दिल्ली/भुवनेश्वर, 30 मई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ओडिशा में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उप निदेशक चिंतन रघुवंशी को भुवनेश्वर के एक व्यवसायी से 20 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
चिंतन रघुवंशी ने ढेंकानाल में पत्थर खनन का कारोबार करने वाले व्यवसायी रतिकांत राउत के खिलाफ दर्ज ईडी के एक मामले में उन्हें ‘‘राहत’’ दिलाने के एवज में कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये की मांग की थी।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी को सूचना मिली थी कि अधिकारी राउत से कथित रिश्वत राशि का एक हिस्सा लेने वाले हैं, जिसके बाद एजेंसी ने बृहस्पतिवार को जाल बिछाया।
ईडी अधिकारी के वकील सिद्धांत मोहंती ने भुवनेश्वर में बताया कि विशेष सीबीआई अदालत ने रघुवंशी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मोहंती ने कहा, “हालांकि, उनकी जमानत याचिका खारिज नहीं की गई है। इस पर चार जून को सुनवाई होगी।”
सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, राउत ने एजेंसी से संपर्क किया था और शिकायत की थी कि उन्हें इस साल मार्च में भुवनेश्वर में ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। प्राथमिकी में कहा गया है कि रघुवंशी ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया और मामले में ‘‘राहत’’ पाने के लिए भगती नामक व्यक्ति से मिलने को कहा।
तब से भगती उनके संपर्क में थे और उन पर दबाव बना रहे थे कि वे रघुवंशी को मामला निपटाने के लिए पैसे दें।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि 27 मई को भगती ने कथित तौर पर राउत से मुलाकात की और कहा कि रघुवंशी ने “उनके अस्पताल को कुर्क न करने, उन्हें गिरफ्तार न करने और उनके मामले को निपटाने” के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग की थी।
प्राथमिकी के अनुसार, राउत ने जब इतनी बड़ी रकम जुटाने में अपनी असमर्थता जतायी, तो भगती ने उनकी बात रघुवंशी से कराई, जिन्होंने मांग घटाकर दो करोड़ रुपये कर दी।
उन्होंने बताया कि 2013 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी रघुवंशी को कथित तौर पर अभियान के दौरान पकड़ा गया और बाद में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
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