नयी दिल्ली, सात जून प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत के समक्ष कथित आबकारी घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नियमित जमानत आवेदन का विरोध किया। एजेंसी ने दावा किया कि उसके पास दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को "गंभीर" आर्थिक अपराधों से जोड़ने के लिए "पर्याप्त सबूत" हैं।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा को बताया कि उसके पास केजरीवाल के खिलाफ कई सबूत हैं।
न्यायाधीश ने मामले की अगली सुनवाई 14 जून के लिए निर्धारित की है।
प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया कि, "आवेदक (केजरीवाल) के खिलाफ धन शोधन के अपराध में शामिल होने के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और जमानत पर उसकी रिहाई से इस बहुस्तरीय घोटाले की आगे की जांच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।"
इसमें आरोप लगाया है कि, "वह (केजरीवाल) गंभीर आर्थिक अपराधों में संलिप्त है।"
अदालत ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल को रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
न्यायाधीश ने यह आदेश तब पारित किया जब, केजरीवाल तिहाड़ केंद्रीय जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में पेश हुए थे।
जब केजरीवाल उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई अंतरिम जमानत पर बाहर थे, तभी प्रवर्तन निदेशालय की ओर से आवेदन दायर किया गया था। अदालत ने 20 मई को इसी आवेदन पर आदेश पारित किया था।
अदालत ने पांच जून को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवल की चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी।
स्वाती
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