नयी दिल्ली, 22 जून प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत उस कंपनी और इसके निदेशकों की करीब 27 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है जिसे पश्चिम बंगाल में खनन के लिए कोयले के ब्लॉक आवंटित किए गए थे।
ईडी ने एक बयान में बताया कि ईएमटीए कोल लिमिटिड और उसके साझेदारों एवं निदेशकों की बैंक जमा, सावधि जमा और म्यूचुअल फंड को कुर्क करने के अस्थायी आदेश पीएमएलए के तहत जारी किए गए हैं। बयान के मुताबिक, कंपनी के साझेदारों और निदेशकों में उज्ज्वल कुमार उपाध्याय, संगीता उपाध्याय, सुजीत कुमार उपाध्याय और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं।
ईडी ने एक बयान में कहा कि इन संपत्तियों का कुल मूल्य 26.93 करोड़ रुपये है।
एजेंसी ने कहा कि 1995 और 1996 के बीच, पश्चिम बंगाल में तारा (पूर्व), तारा (पश्चिम), गंगारामचक, बोरजोर, गंगारामचक-भादुलिया और पचवाड़ा (उत्तर) में छह कोयला ब्लॉक को राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों को आवंटित किया गया था और बाद में उच्चतम न्यायालय ने इन्हें रद्द कर दिया था, लेकिन उक्त कंपनी ने एक संयुक्त उद्यम कंपनी बनाकर इनमें खनन किया था।
उसमें कहा गया है कि यह "अवैध" तरीके से किया गया, जिससे भारी मुनाफा हुआ।
ईडी ने इसी आरोप में दर्ज सीबीआई की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद कंपनी और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया था।
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