मुंबई, 22 अगस्त चालू वित्त वर्ष की पहली अप्रैल-जून तिमाही में देश की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर रिजर्व बैंक के आठ प्रतिशत के अनुमान से अधिक रहेगी।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अर्थशास्त्रियों ने यह अनुमान जताया है। उनका मानना है कि वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत रह सकती है।
दूसरी ओर घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा का अनुमान है कि वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत से भी अधिक होगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2023-24 में 6.5 प्रतिशत, और अप्रैल-जून तिमाही में आठ प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
वृद्धि पर आधिकारिक आंकड़े इस महीने के अंत में जारी किए जाएंगे। मार्च, 2023 तिमाही में जीडीपी सालाना आधार पर 6.1 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी।
एसबीआई और इक्रा दोनों ने कहा कि केंद्र और राज्यों के पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी के चलते आर्थिक वृद्धि तेज हो सकती है।
एसबीआई के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने एक टिप्पणी में कहा कि 30 उच्च आवृत्ति वाले संकेतकों की निगरानी के आधार पर 8.3 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया गया है।
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