उन्होंने कहा कि गुजरात के गांधीनगर में पेट्रोल की कीमत 96.63 रुपये प्रति लीटर जबकि राजस्थान में 108.45 रुपये प्रति लीटर है। भाजपा शासित राज्यों में पेट्रोल व डीजल पर वैट और उत्पाद शुल्क में कमी की गई जबकि विपक्ष शासित राज्यों में इसे बढ़ाया गया। गुवाहाटी में पेट्रोल 98 रुपये जबकि कोलकाता में 106.42 रुपये प्रति लीटर, लखनऊ में 96 रुपये और बेंगलूर में 101 रुपये, गोवा में 97 रुपये और रायपुर में पेट्रोल 101 रुपये प्रति लीटर है।
उन्होंने कहा कि देश में दो साल में पेट्रोल के दाम में बढ़ोत्तरी नहीं बल्कि चार फीसदी की कटौती हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो बार पेट्रोलियम पदार्थों में उत्पाद शुल्क में कमी की है।
भाजपा नेता ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर की भी स्थिति समान है। उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले सिलेंडर में 300 रुपये की और आम उपभोक्ताओं को 200 रुपये की राहत दी गई जिससे एलपीजी कंपनियों को 25,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और उसकी क्षतिपूर्ति के लिए उन्हें 22,000 करोड़ रुपये दिए गए।
सुशील मोदी ने कहा कि पेट्रोल में 1.53 फीसदी इथेनाल की ब्लेंडिंग (मिश्रण) होती थी जो आज 12 फीसदी हो रही है और इससे न केवल आर्थिक फायदा हुआ बल्कि वाहनों से निकलने वाले धुएं की वजह से होने वाले उत्सर्जन को घटाने में भी मदद मिली।
चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के राजीव शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार ने काला धन वापस लाने का वादा किया था लेकिन आज यह स्थिति है कि आठ लाख उद्यमी देश छोड़ कर बाहर चले गए और उनमें से दो लाख ने तो भारत की नागरिकता तक त्याग दी। उन्होंने कहा ‘‘यह देखना होगा कि क्या ये उद्यमी किसी दबाव के कारण गए या कोई और वजह थी।’’
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल व डीजल इतना महंगा नहीं था जितना आज है और इनके दामों में वृद्धि की वजह से हर चीज के दाम बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले जब रुपये की कीमत 60 रुपये हुई थी तब हंगामा हो गया था लेकिन आज डालर के मुकाबले रुपये की कीमत 80 रुपये पर पहुंच गई ‘‘फिर भी हम कहते हैं कि विकास हो रहा है। कैसे?’’
शुक्ला ने कहा कि पक्का मकान देने का वादा तो पूरा नहीं हुआ, उल्टे रोजगार भी छिन गए हैं और आज करीब 40 करोड़ लोग बेरोजगार हो कर बैठे हैं। हालत यह है कि ‘‘80 करोड़ लोगों को मुफ्त में अनाज देना पड़ रहा है। मुफ्त अनाज योजना गलत नहीं है लेकिन सवाल यह है कि इतने लोग आखिर बेरोजगार क्यों हैं?’’
उन्होंने कहा ‘‘आज दस हजार पदों के लिए रिक्तियां निकलने पर दस-दस लाख लोग आवेदन करते हैं और अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया जाता है। महंगाई का हाल यह है कि कुछ भी सस्ता नहीं है। महंगाई दर पर काबू करने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं।’’
शुक्ला ने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत खूब शौचालय बनवाए गए और खूब तस्वीरें निकलवाईं गईं लेकिन आज इन शौचालयों की हालत खस्ता पड़ी है और गांवों में और बुरी स्थिति है जहां पानी तक की व्यवस्था नहीं है। ये शौचालय गांवों में गोदाम बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ सबका विकास’ की बात की जाती है लेकिन सबको पता है कि विपक्ष की सरकारों को अनुदान कैसे और कितना दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी से व्यापारी वर्ग परेशान है लेकिन इसका सरलीकरण नहीं किया जा रहा है जबकि यह जरूरी है।
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