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शुक्ला ने कहा कि जीएसटी के सरलीकरण से न केवल व्यापारियों को आसानी होगी बल्कि ‘‘ईज ऑफ बिजनेस डूइंग’’ को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रतिभा पलायन पर रोक लगाना बहुत जरूरी है क्योंकि हमारी प्रतिभाएं किसी वजह से ही अन्यत्र जाती हैं और हमें उस वजह को खोज कर उसका समाधान करना होगा।

निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि आंकड़ों से अलग हट कर कुछ ऐसे ठोस प्रयास किए जाने चाहिए जिनसे बेरोजगारों को रोजगार मिले, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, शिक्षा को बढ़ावा मिले, महंगाई कम हो और आम आदमी को राहत मिले।

उन्होंने कहा कि यह सच है कि कर संग्रह बढ़ा है लेकिन आम लोगों की परेशानियां भी बढ़ी हैं जिन्हें दूर करने के लिए सरकार को कदम उठाने होंगे।

भाजपा के जी वी एल नरसिम्हा राव ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने कुछ तो ऐसे कदम उठाए होंगे जिनकी वजह से भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत है और पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को केवल आलोचना ही नहीं करनी चाहिए बल्कि तथ्यों को भी देखना चाहिए।

राव ने कहा कि दुनिया के बड़े-बड़े देश मुद्रास्फीति की समस्या में उलझे रहे और तब ‘‘आत्म निर्भर भारत’’ के दृष्टिकोण ने हमें भरोसा दिलाया कि हम मुद्रास्फीति की समस्या से बचे रहेंगे।

उन्होंने कहा कि हमारे यहां का बैंकिंग क्षेत्र आज दुनिया भर में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने कहा कि आज गैर निष्पादित आस्तियों पर लगाम लगाई जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2023 में कुल 1.72 लाख करोड़ रुपये का जीसएसटी संग्रह हुआ जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का परिचायक है। ‘‘एक समय था जब एक लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जाता था।’’

भाजपा सदस्य ने कहा कि बीते बरस 11.4 अरब यूपीआई लेनदेन हुए और 17.16 लाख करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन हुए जो हमारी बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता को दिखाते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष कर राजस्व हो या कारपोरेट क्षेत्र में कर संग्रह हो, या प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हो, भारत की अर्थव्यवस्था हर कदम पर ‘‘नरेन्द्र मोदी की गारंटी’’ की कहानी कह रही है।

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