नयी दिल्ली, सात फरवरी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को संसद में कहा कि अंतर-राज्यीय और मंडी व्यापार में आने वाली साजो-सामान संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए केंद्र लॉजिस्टिक सेवा प्रदाताओं को जोड़ने की सुविधा के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) मंच का उन्नयन करेगा।
राज्यसभा में एक सवाल के लिखित उत्तर में उन्होंने कहा कि दिसंबर 2024 तक ई-नाम मंच पर 65.48 करोड़ रुपये मूल्य का 23,121 टन अंतरराज्यीय व्यापार दर्ज किया गया है।
चौहान ने कहा कि कृषि विपणन राज्य का विषय है और कृषि उपज मंडी समितियां (एपीएमसी) संबंधित राज्य कृषि उपज बाजार समिति अधिनियम द्वारा विनियमित होती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ऑनलाइन अंतर-राज्यीय व्यापार के लिए, अन्य राज्यों के व्यापार लाइसेंसों को मान्यता देने के लिए सक्षम प्रावधानों की आवश्यकता होती है।’’
उन्होंने कहा कि आठ राज्यों गुजरात, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, झारखंड, मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा ने अपने एपीएमसी अधिनियमों में सक्षम प्रावधानों को शामिल किया है।
तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश ने भी अंतर-राज्यीय व्यापार पर प्रतिबंध नहीं लगाया है।
चौहान ने कहा, ‘‘इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि ई-नाम के तहत अंतर-राज्यीय और अंतर-मंडी व्यापार को बढ़ावा देने के लिए लॉजिस्टिक्स एक बड़ी बाधा बनी हुई है, सरकार ने ई-नाम प्लेटफॉर्म को ई-नाम 2.0 के रूप में उन्नयन करने का निर्णय लिया है।’’
उन्होंने कहा कि ई-नाम प्लेटफॉर्म को अधिक कुशल, उपयोगकर्ता के अनुकूल, समावेशी और ओपन-नेटवर्क के अनुपालन योग्य बनाया जाएगा।
चौहान ने कहा कि ई-नाम 2.0 की मुख्य विशेषताएं बैंक खाता सत्यापन, आधार का उपयोग करते हुए ईकेवाईसी सुविधाएं और परख, लॉजिस्टिक्स और अन्य मूल्य वर्धित सेवा प्रदाताओं को शामिल करना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘इस पहल से लॉजिस्टिक चुनौती का समाधान होगा और व्यापार में तेजी आएगी, बर्बादी कम होगी और किसानों की आय में सुधार होगा।’’
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