नयी दिल्ली, 27 दिसंबर दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने कथित रूप से कर्तव्य में लापरवाही के मामले में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के. महेश का तबादला कर दिया है और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।
उपराज्यपाल ने 23 दिसंबर को आईएसबीटी में रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया था और वहां आवास एवं शौचालय की सुविधाओं की कमी पाई।
उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से मंगलवार को जारी बयान में कहा गया कि महेश को विशेष निदेशक के रूप में केंद्रशासित प्रदेश सिविल सेवा विभाग में भेजा गया है।
बयान के अनुसार, ‘‘गरिमा गुप्ता, सचिव (समाज कल्याण) को डीयूएसआईबी का प्रभार सौंपा गया है और महेश के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर विचार चल रहा है। आईएसबीटी और हनुमान मंदिर क्षेत्र के रैन बसेरों में कुल करीब 600 बिस्तरों की ही क्षमता है, वहीं हजारों लोग कड़ाके की सर्दी में फुटपाथ पर सोने को मजबूर हैं।’’
उपराज्यपाल ने कहा कि के. महेश को जेलरवाला बाग में झुग्गीवासियों को पर्याप्त अस्थायी शौचालय सुविधा मुहैया कराने की जिम्मेदारी दी गयी थी और वह छह महीने बाद भी इसमें नाकाम रहे।
सक्सेना ने पिछले सप्ताह आईएसबीटी और पास में हनुमान मंदिर इलाके में रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया था और वहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। उन्होंने दावा किया था कि रैन बसेरों में साफ-सफाई तथा शौचालयों की कमी है और इसलिए लोग खुले में शौच को मजबूर हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY