नयी दिल्ली, 12 जून इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए सार्वजनिक डिजिटल ढांचे (डीपीआई) को महत्वपूर्ण घटक बताते हुए सोमवार को कहा कि भारत ने अपनी जनसंख्या की प्रगति एवं विकास के लिए डीपीआई का ‘गुणक’ के तौर पर इस्तेमाल किया है।
चंद्रशेखर ने पुणे में आयोजित वैश्विक डीपीआई सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि डीपाआई प्रारूप भारत समेत दुनियाभर के लिए डिजिटल गवर्नेंस का भविष्य है। उन्होंने कहा, ‘‘डीपीआई की ताकत का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पिछले पांच साल में सरकार ने अपने नागरिकों को 400 अरब डॉलर से अधिक रकम हस्तांतरित की है और इसमें कोई भी रिसाव नहीं हुआ है। इस तरह भारत ने अपनी ताकत दर्शाई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम डीपीआई के इर्दगिर्द जिस तरह की भागीदारी का प्रस्ताव रख रहे हैं, वह दुनियाभर के सभी देशों के लिए सही मायने में जीत वाली है, जो डिजिटलीकरण के मामले में पीछे रह गए हैं।’’
चंद्रशेखर ने डिजिटल अर्थव्यवस्था को एक सशक्त अवसर बताते हुए कहा कि इस बड़े मौके का फायदा उठाने के लिए किसी भी देश के पास डीपीआई का मजबूत आधार होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक डीपीआई सम्मेलन और इस मसले पर हो रही चर्चा भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की अवधारणा के अनुरूप है जिसमें हम एक परिवार के तौर पर सामूहिक भविष्य की बेहतरी के लिए काम करते हैं। इसमें सार्वजनिक डिजिटल संरचनाओं और प्रौद्योगिकियों का अहम स्थान है।
प्रेम
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